बलिया। जिला चिकित्सालय स्थित पीड़ित महिलाओं के लिए बने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण शनिवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया। सातों दिन 24 घंटे खुलने वाला वन स्टाप सेंटर का ताला डीएम के आगमन से महज पांच मिनट पूर्व खुला। जबकि डीएम के पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि शनिवार व रविवार को बंद रहता है।
डीएम रवींद्र कुमार के निरीक्षण के दौरान 11 कर्मचारियों की जगह सिर्फ एक महिला कर्मचारी मौजूद रही। उन्होंने हाजिरी रजिस्ट मंगाकर जांच की और कार्रवाई का निर्देश दिया। वन स्टाप सेंटर की दुर्व्यवस्था देख डीएम भड़क गए। उन्होंन जिला प्रोबेशन अधिकारी मुहम्मद मुमताज को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। भवन पर सांकेतिक बोर्ड भी लगाने को कहा।
डीएम के पूछने पर कर्मचारी ने बताया कि एक वर्ष में एक पीड़ित महिला को यहां रखा गया है। डीएम ने कहा कि 10 कर्मचारी रहने के बावजूद पीड़ित को रखा नहीं जा रहा है, यह शर्म की बात है। उन्होंने साफ सफाई की व्यवस्था ठीक ना होने पर नाराजगी जताई और जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि यहां पर साफ सफाई की व्यवस्था ठीक कराई जाए।
पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर ने भी कहा कि यहां पर महिला पुलिस की टीम उपस्थित रहेगी, जिससे कि किसी प्रकार की परेशानी ना हो। इस सेंटर पर पीड़ित महिलाओं को अस्थाई रूप से पांच दिन का संरक्षण दिया जाता है। साथ ही उन्हें पुलिस, चिकित्सा और कानूनी सहायता भी प्रदान की जाती है। कोई परेशानी होने पर कोतवाल या महिला प्रभारी को सूचित करने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम, एसपी व सीएमएस डॉ. दिवाकर सिंह ने निर्माणधीन वन स्टॉप सेंटर का जायजा लिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी को 50 लाख की योजना में शामिल करने का निर्देश दिया। निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया।