फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘भारतीय संस्कृति का आधार है लोक भाषा

Sun, 22 May 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
विज्ञापन
संत यतिनाथ महोत्सव का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा। अमर उजाला
विज्ञापन
कस्बा स्थित मिनी स्टेडियम में शनिवार की रात संत यतिनाथ महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। महोत्सव में भोजपुरी के कलाकारों ने गीत-संगीत की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मुख्य आधार लोक भाषा और लोक नृत्य है। लेकिन लोक गायन और लोकगीत में फूहड़पन के समावेश के चलते लोक भाषा का ह्रास हो रहा है। जिससे  भारतीय संस्कृति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
विज्ञापन


कहा कि आप सभी फनकारों को इसपर गंभीरतापूर्वक विचार करने की जरूरत है। आज लोक विद्या  लुप्त होने के कगार पर है। इसकी संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी मनोज  कुमार झा तथा विशिष्ट अतिथि उप जिलाधिकारी बैरिया अरविंद कुमार राय ने संत  यतीनाथ के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद गायक राजू  मिश्र ने जब भक्त नहीं होंगे, भगवान कहा होंगे...सुनाया तो वहीं गायक  आशुतोष सिंह ने पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा... गाकर लोगों को खूब झूमाया।
विज्ञापन


प्रिया तिवारी ने 'हमरा के छोड़ सईयां गइल विदेशवा, भुलाई रे गईल ना... गाकर  विरहन पत्नी की पीड़ा को इस प्रकार बखान किया कि लोगों की आंखें नम हो गई।  गायक कमलेश सिंह ने 'बागी बलिया ह भारत के सरताज ए सजनी... गाकर लोगों में  देशभक्ति का भाव जागृत किया। कुमरी अंजनी ने गवनवा अईब राजा जी की  प्रस्तुति कर लोगों को खुब झूमाया। गायक व  अभिनेता रितेश पांडेय ने जा ऐ चंदा ले आव खबरिया, कइसन बाडू हमार जान हो सहित अन्य लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को जमकर गुदगुदाया।

उसके बाद गायक आलम राज ने भी दर्शकोें का मनोरंजन किया। गायक मुन्ना मस्ताना ने साड़ी  भीज गइले नैना के नीर से जैसे कई गीत गाकर लोगों को जमकर झूमाया। इस मौके  पर दिनेश चंद्र सिंह, शिवजी पांडेय, जितेंद्र सिंह, रोशन सिंह, टोनी सिंह,  पिंटू शुक्ला, शुभम सिंह आदि लोग रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें