हाड़कंपाऊ ठंड से आम जीवन प्रभावित हुआ है। लोगों की दुश्वारी बढ़ गई है वहीं पशु-पक्षी भी ठंड के कोप से आहत दिखे। मंगलवार को भी ठंड और गलन की वजह से लोग घरों में दुबके रहे।
शहर से लेकर गांव तक लोग अलाव के सहारा लेते नजर आए। दोपहर एक बजे तक कोहरे की वजह से वाहन रेंगते रहे। वहीं ट्रेन और रोडवेज बसें घंटों विलंब से अपने गंतव्य को पहुंची। वहीं खेजुरी के करम्मर गांव में ठंड लगने से हीरा बारी (75) की सोमवार की रात मौत हो गई।
मंगलवार को जनपद की न्यूनतम तापमान सात के करीब पहुंच गया है। इसकी वजह से गलन बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड के आगे स्वेटर, जैकेट भी नाकाफी साबित हो रहा है। शाम होती ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। वहीं कोहरे की वजह से आम जनजीवन मानो ठहर सा गया है।
ज्यादातर लोग अपने घरों में दुबके रहे। कुहासे के कारण वाहन सड़कों पर रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। इसका असर मंगलवार को रोडवेज तथा ट्रेनों पर भी देखने को मिला। वहीं बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार सर्द हवा की वजह से ठंड का असर दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है।
बर्फिली हवाओं के बीच गलन भरी ठंड से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोहरे का प्रकोप जारी रहने से यातायात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
वाराणसी लखनऊ कृषक एक्सप्रेस पांच घंटे, गोरखपुर-कानपुर चौरी-चौरा एक्सप्रेस छह घंटे, लोकमान्य तिलक टर्मिनल-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस चार घंटे समेत कई सवारी गाड़ियों घंटों विलंबित रही।
ट्रेनों के विलंब रहने से ठंड में यात्रियों को घोर फजीहत उठानी पड़ी। ठंड से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में कंबल वितरित नहीं किए गए। साथ ही चुनिंदा स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई, जो ऊंट के मुंह में जीरा के सामान है। क्षेत्रीय लोगों ने प्रश्ाासन से अलाव जलवाने की मांग की।