बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम कांत की अदालत ने मानसिक बीमार नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एजाज अहमद के खिलाफ दोष साबित पाते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की दशा में एक वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया। इसमें 40 हजार पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा।
वादी मुकदमा ने थाना कोतवाली में 10 जून 2023 को सूचना दी थी कि 8 जून 2023 को उसकी 15 वर्षीय पुत्री अकेले घर पर थी। वो पांच तक पढ़ी थी और मानसिक रूप से बीमार थी। एजाज अहमद पुत्र नजीर अहमद निवासी जमुआ थाना कोतवाली उसके घर पर आकर पीड़िता को अकेला पाकर दुष्कर्म किया। घटना के दिन पर उसके घर कोई मौजूद नहीं था। जब घर आए तो पीड़िता ने आपबीती बताई।
प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली पर अभियुक्त एजाज अहमद के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। एक अगस्त 2023 को अभियुक्त एजाज अहमद के विरुद्ध आरोप तय किए गए। साक्ष्य की कार्रवाई प्रारंभ हुई। अभियोजन ने कुल 6 गवाह प्रस्तुत किए। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों के सम्यक परिशीलन और अवलोकन, अभियोजन की तरफ से विमल कुमार राय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट व बचाव पक्ष की तरफ से परमात्मा नंद सिंह अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त के खिलाफ दोष सिद्ध पाया। उक्त सजा सुनाई।