बलिया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के नाम पर होने वाले आयोजन अब छोटे स्वरूप में दिखाई देंगे। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने संबंधित विभाग को दिशा निर्देश जारी किया है। इसके तहत सीएम सामूहिक विवाह योजना में अधिकतम 100 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। साथ ही प्रत्येक जोड़ों का विवाह पूर्व भैतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। ताकि फर्जीवाड़ा की गुंजाइश न रह सकें।
मुख्य विकास अधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी दीपक श्रीवास्तव को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिया है। सीडीओ ने प्रत्येक दस आवेदकों के सत्यापन के लिए एक अधिकारी की तैनाती सा निर्देश दिया है। बता दें कि बीते 25 जनवरी को मनियर में हुए 537 में आधे से अधिक लाभार्थी अपात्र मिलें थे। इनमें अधिकांश ऐसे थे जिनमें किसी के पास दुल्हन तो किसी के पास दूल्हा का भी अभाव था। जबकि विभाग द्वारा बगैर सत्यापन किए ही मौके पर मौजूद जोड़ों को सामान आदि की आपूर्ति कर दी। मामले का खुलासा तब हुआ था जब सोशल मीडिया पर सामूहिक विवाह का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वर के अभाव कन्याएं स्वयं ही अपने गले में वरमाला डालती नजर आई थी। इस फजीहत से बचने के लिए जिला प्रशासन अब नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब बड़े आयोजनों की बजाए एक बार में 100 जोड़ों की शादी कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही प्रत्येक दस आवेदकों के सत्यापन के लिए एक अधिकारी से सत्यापन कराया जाएगा। ताकि फर्जीवाड़ा की गुंजाइश न रहे। -ओजस्वी राज, सीडीओ।
जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद
जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद
जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद
जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद