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Ballia News: 10 साल से लंबित वेतन विसंगति समेत मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन शुरू

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वि​​भिन्न मांगों को लेकर सदर तहसील परिसर में आयोजित लेखपाल संघ के धरना को संबो​धित करते सदर तहस
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बलिया/बैरिया/रसड़ा/सिकंदरपुर। 10 साल से लंबित प्रारंभिक वेतनमान और वेतन विसंगति दूर करने समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया।
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सदर तहसील में लेखपालों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा, जबकि बैरिया में संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना दिया। रसड़ा में भी लेखपालों ने प्रदर्शन कर एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सदर तहसील में धरना सभा को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि लेखपाल संवर्ग के प्रारंभिक वेतनमान को ग्रेड पे 2800 किए जाने और वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित है।
उन्होंने अंतरमंडलीय स्थानांतरण नीति दोबारा लागू करने और पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से गृह मंडल व जनपद में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग की। लेखपालों ने वर्ष 2025-26 की पदोन्नति प्रक्रिया (डीपीसी), जो करीब दो वर्षों से लंबित है, जल्द पूरी कर सूची जारी करने की मांग की। ज्ञापन में 16 वर्षों से अपरिवर्तित नियत यात्रा भत्ता, स्टेशनरी भत्ता और विशेष भत्तों में मौजूदा महंगाई के अनुरूप वृद्धि, लेखपालों को पद के अनुरूप तकनीकी संवर्ग घोषित करने, लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध कराने तथा ग्राम सचिवालयों में अलग कक्ष और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है।
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बैरिया तहसील में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना दिया। लेखपालों ने आठ सूत्री मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर विरोध जताया। संघ ने प्रारंभिक वेतनमान और ग्रेड पे संबंधी विसंगति दूर करने, अंतरमंडलीय स्थानांतरण पर लगी रोक हटाने तथा दो वर्ष में चयन वेतनमान लागू करने की मांग की। चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। धरने में जितेंद्र सिंह, अजीत यादव, सौरभ कुमार यादव, निरंजन ठाकुर, प्रमोद कुमार, रमेश कुमार यादव, संजय कुमार वर्मा और कमलेश कुमार समेत दर्जनों लेखपाल मौजूद रहे।
रसड़ा तहसील में भी लेखपालों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि प्रारंभिक वेतनमान, वेतन विसंगति, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति और भत्तों में वृद्धि समेत कई मांगें वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में आठ अक्तूबर को ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार, 10 अक्तूबर को थाना दिवस में काली पट्टी बांधकर कार्य, 12 अक्तूबर को तहसील एवं जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर और 14 अक्तूबर को बाइक जुलूस निकाला जाएगा। 17 से 23 अक्तूबर तक तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन होगा। इसके बाद 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस दौरान पूर्व जिलामंत्री छट्ठू यादव, तहसील मंत्री सतेंद्र राणा समेत कई लेखपाल मौजूद रहे।
सिकंदरपुर में लेखपालों ने नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी प्रवीण कुमार यादव के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह और मंत्री रणजीत कुमार वर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई। इस दौरान पवन पांडेय, सचिन यादव, राजीव रंजन राय, शैलेंद्र खरवार, ईश्वर दयाल समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
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