बैरिया। हड़ताल के कारण लेखपाल समाधान दिवस पर नहीं पहुंचे। इससे शिकायतों के निपटारे की संख्या कम रही। कुल 145 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन मौके पर महज 12 मामलों का निस्तारण हो सका।
तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की लंबी कतार लगी रही। समाधान दिवस में इस बार भी भूमि विवाद से जुड़े मामले सबसे ज्यादा रहे।
फरियादियों ने तहसील के विभिन्न न्यायालयों से मुकदमों की पत्रावलियां गायब होने, अंश निर्धारण लंबित रखने, वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड निरस्त किए जाने, आवास और बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। कई फरियादियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से तहसील स्तर पर मामले लंबित हैं और बार-बार शिकायत करने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है।
कर्ण छपरा निवासी मनोज सिंह ने पात्र होने के बावजूद आवास नहीं मिलने की शिकायत करते हुए सरकारी आवास स्वीकृत कराने की मांग की। श्रीनगर निवासी लालझरी देवी और बंशीधर यादव ने वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। सूर्यभानपुर निवासी श्याम बिहारी चौधरी और कोटवा निवासी निर्मला देवी ने भूमि विवाद की शिकायत दर्ज कराई।
बेचन छपरा निवासी देवंती देवी और मुरारपट्टी निवासी प्रणय कुमार पाठक ने तहसील कार्यालय से मुकदमे की पत्रावली गायब होने की शिकायत की। सियरहिया निवासी पारसनाथ व राम अवध ने लेखपाल द्वारा अंश निर्धारण का मामला लंबित रखने का आरोप लगाया। बैरिया निवासी विकास कुमार ने तहसील कर्मी पर रिश्वत मांगने की शिकायत की।
लाली के डेरा निवासी सुग्रीव यादव, श्रीनगर निवासी चंद्रशेखर सिंह, मिश्र के मठिया निवासी अब्दुल समद, करमानपुर निवासी चंद्रभूषण प्रसाद व शशिभूषण प्रसाद ने भी अपनी समस्याएं रखीं। अब्दुल समद ने क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था की ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया। सिताबदियर निवासी जगदीश ने खतौनी में अंश निर्धारण नहीं किए जाने, जबकि मनु कुमार यादव ने भूमि विवाद की शिकायत की। एसपी ओमवीर सिंह, एसडीएम बैरिया रमेश चंद्र वर्मा आदि थे।