रसड़ा तहसील प्रांगण में आठ सूत्रीय मांगों के समर्थन में धरना देते लेखपाल।
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बलिया। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले जिले के लेखपालों ने आठ सूत्री मांग पत्र के समर्थन में माडल तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान लेखपालों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार तरीके से आवाज बुलंद की। कहा कि शासन के वित्त विभाग द्वारा लेखपाल संवर्ग के वेतन भत्ते विसंगत आज मांगों को बार-बार लटकाया जा रहा है। जिससे क्षुब्ध होकर पांच नवंबर से इन सभी 8000 अतिरिक्त लेखपालों के कार्यक्षेत्र का कार्य लेखपालों द्वारा बंद किया गया था।
इस मौके पर लेखपाल संघ के धरना सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि लेखपालों को एसीपी विसंगति, वेतन, उच्चीकरण, पेंशन विसंगति, मोटरसाइकिल भत्ता, पदोन्नत आदि मांगों पर शासन से सहमति के बावजूद शासनादेश निर्गत ना होने के कारण प्रेषित पत्र 15 अक्टूबर के अनुसार पाँच नवंबर से आंदोलनरत हैं। लेकिन आज भी इस प्रकरण में कोई प्रगति नहीं की गई। कहा कि बार-बार मांगों को लटकाए जाने के विरोध में हम लेखपाल संघ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जिससे 25000 राजस्व ग्रामों के आय प्रमाण पत्र, जाति, निवास प्रमाण पत्र, आईजीआरएस, तहसील दिवस प्रार्थना पत्रों का निस्तारण, नकल खसरा, बैनामा, वरासत, क्रॉप कटिंग, पैमाइस आदि का कार्य बंद हो गया है। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने व 333 प्रतिदिन के हास्यपूर्ण के नियत यात्रा के विरोध में 19 नवंबर से लेखपालों ने अपने निजी बाइक का उपयोग और शासकीय कार्य में बंद कर दिया। विशेष रूप से शासकीय कार्यों में संपादन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कहा कि विभिन्न मांगों को अब तक पूरा नहीं किया गया शासनादेश के अनुसार अब तक कई मामले पेंडिंग पड़े हुए हैं। शासनादेश के आधार पर अभी तक ना तो अंतरमंडलीय स्थानांतरण किए गए हैं और न ही आय जाति निवास प्रमाण पत्र के लिए ख5 प्रमाण पत्र भुगतान किया गया है। लैपटॉप के लिए डोंगल एवं 251 प्रतिमाह नेट भत्ता भी किसी जनपद में उपलब्ध नहीं कराया गया। चेताया कि अगर हम लोगों की मांगे पूरी नहीं की गई तो हम मजबूर होकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर विनय कुमार दुबे, हरेंद्र सिंह, शैलेंद्र कुमार, अनिल कुमार, आशीष कुमार, वर्षा सिंह, मुन्नाराम, छट्ठु यादव सहित सैकड़ों लेखपाल मौजूद रहे।