हल्दी (बलिया)। तुरैहा जाति का जाति प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर 50 हजार रुपये घूस मांगने के मामले में लेखपाल संदीप कुमार को दोषी पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर गोपेश तिवारी ने मामले की जांच कराई। इस मामले में एक ऑडियो वायरल हुआ था।
सोमवार के अंक में अमर उजाला ने पेज संख्या दो पर ‘जाति प्रमाणपत्र के लिए 50 हजार रुपये मांगने का आरोप’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम ने जांच के उपरांत कार्रवाई का निर्देश दिए थे।
विकासखंड बेलहरी के सुल्तानपुर गांव निवासी सुरेंद्र प्रसाद तुरैहा ने डीएम से मिलकर शिकायती पत्र देने के साथ ही मामले से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि परिवार के सदस्यों के जाति प्रमाणपत्र पूर्व में लगातार जारी होते रहे हैं। परिवार के कुछ सदस्यों के प्रमाणपत्र 2016 में भी बने थे। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति की सूची में तुरैहा जाति क्रमांक 66 पर दर्ज है। इसके बावजूद जाति प्रमाणपत्र के लिए किए गए आवेदनों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने की बात कहकर बार-बार निरस्त किया जा रहा था।
सुरेंद्र प्रसाद का आरोप है कि प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के बाद उन्होंने लेखपाल से संपर्क किया तो प्रति आवेदन 50 हजार रुपये की मांग की गई।
बातचीत के दौरान वसूली गई रकम का हिस्सा तहसील के उच्चाधिकारियों तक पहुंचने की बात कहे जाने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता ने बातचीत मोबाइल में रिकॉर्ड होने का दावा किया है। उन्होंने जांच अधिकारी को ऑडियो उपलब्ध कराकर उसकी सत्यता की जांच कराने की मांग की थी।