बलिया। बैरिया तहसील के अधिवक्ताओं पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर से अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला। जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन कर डीएम के खिलाफ नारेबाजी की। राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इससे पले कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सभागार में शुक्रवार को तीनों अधिवक्ता संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन लाल वर्मा ने की जबकि संचालन महामंत्री बालेंदु कुमार ओझा ने किया।
बैठक में जिले की सभी तहसीलों के बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी, सिविल बार एसोसिएशन, क्रिमिनल बार एसोसिएशन तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए।
बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर से जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन कर नारेबाजी किया और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। सभी छह तहसीलों में अगले सोमवार तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
कलेक्ट्रेट बार सभागार में आयोजित बैठक में सभी अधिवक्ताओं ने एक सुर में तहसील बार एसोसिएशन, बैरिया के अधिवक्ताओं के विरुद्ध दर्ज की गई प्राथमिकी को फर्जी बताते हुए उसके खिलाफ तीव्र नाराजगी जताई गई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कार्यों का विरोध करने के कारण अधिवक्ताओं के खिलाफ साजिशन मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसे न्याय व्यवस्था और अधिवक्ता समाज पर हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की गई। बैरिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्र, महामंत्री राजकुमार तिवारी तथा वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तहसील बैरिया में कथित न्यायिक एवं प्रशासनिक भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए और इसके खिलाफ चल रहे आंदोलन को निर्णायक चरण तक पहुंचाने के लिए जिले के सभी बार एसोसिएशनों से सहयोग की अपील की।
इस पर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन, सिविल बार एसोसिएशन, क्रिमिनल बार एसोसिएशन सहित बांसडीह, रसड़ा, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड समेत सभी तहसीलों के अधिवक्ताओं ने बैरिया के अधिवक्ताओं को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।