इलाहाबाद न्यायालय में दारोगा द्वारा अधिवक्ता को गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में वकीलों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर पुलिस महानिदेशक का पुतला दहन किया। इस दौरान वकीलों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
कहा कि सूबे की सरकार पूरी तरह निरंकुश हो चुकी है, जिसका गवाह इलाहाबाद कोर्ट में चली गोली की सनसनीखेज घटना है। इस दौरौन सभी वकीलों ने आरोपी दारोगा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
क्रिमिनल बार के पदाधिकारियों ने डीजीपी का पुतला दहन करने के बाद परिसर के बार भवन में बैठक कर गुस्से का इजहार किया। क्रिमिनल बार के अध्यक्ष देवेंद्र मिश्र ने कहा कि पूरे प्रदेश में अराजक तत्वों का बोलबाला है। अब प्रदेश के खाकी वर्दी भी गुंडई पर उतारू हो गई है।
पूर्व अध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस की गुंडई किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व अध्यक्ष सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती की गई है। लेकिन पुलिस मनमानी करने में जुटी है।
अब वकीलों को भी अपनी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना होगा। जूनियर बार के अध्यक्ष भुवनेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश पुलिस में एक जाति विशेष का वर्चस्व कायम है। जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
कानून से सभी को डर होना चाहिए। लेकिन अदालत में दारोगा ने जिस प्रकार अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। उससे न्यायिक अधिकारी भी दहशत में है। पुलिस अधिकारियों को भी अब कोर्ट में शस्त्र के साथ प्रवेश करने पर रोक लगाना होगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह, जेपी सिंह, नवीन सिंह, अखिलेश सिंह, हरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, गिरिजा शंकर सिंह, अजय कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन महासचिव चंद्रप्रताप ने किया।