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Ballia News: किरायेदारों को मकान मालिक बेच रहे बिजली, विभाग लाचार

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प्रावधान है कि किरायेदार का अलग विद्युत कनेक्शन होना चाहिए, लेकिन शहर में ऐसा नहीं हो रहा है। मकान मालिक ही किरायेदारों को अवैध रूप से बिजली बेच रहे हैं। घरेलू कनेक्शन पर 6:50 रुपये प्रति यूनिट बिजली दर निर्धारित है, लेकिन मकान मालिक सब मीटर लगाकर सात से आठ रुपये प्रति यूनिट की वसूली कर रहे हैं। यानि विद्युत नियामक आयोग की घरेलू दरों के मुकाबले 50 पैसे से लेकर 1:10 रुपये दस पैसे प्रति यूनिट का मुनाफा ले रहे हैं। यही नहीं थोक के भाव खरीदकर जो सब मीटर किराए के कमरों में लगाए गए हैं, वो अवैध हैं। लेकिन विभाग इस बाबत कार्रवाई करने में लाचार है।
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बिजली बेचने का अधिकार सिर्फ विद्युत निगम को होता है। विद्युत नियामक आयोग ने जो विद्युत दरें निर्धारित की हैं। उसी के आधार पर उपभोक्ता से बिजली बिल वसूला जाता है। मकान मालिक खुद इन्हीं दरों के आधार पर अपना बिल चुकता करते हैं, लेकिन किरायेदार के रेट में 50 पैसा से 1.10 रुपये और जोड़ा जा रहा है। किरायेदार का मासिक खर्च आंकने के लिए जिस सब मीटर का सहारा लिया गया है उसकी रीडिंग भी भवन स्वामी खुद ही करते हैं। विद्युत निगम के कर्मचारी सिर्फ मकान के मुख्य मीटर की रीडिंग को देख बिल निकालकर दे देता है। क्योंकि मेन मीटर बिजली विभाग की संपत्ति है। इतना ही नहीं सब मीटर की गति बढ़ाना कोई मुश्किल काम नहीं। इसकी रीडिंग बिजली विभाग के स्तर पर न होने की वजह से ही इसे अवैध माना गया है। बगैर लाइसेंस के बिजली बेचने वाले मकान मालिकों पर विभाग की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
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