ताजिया उठाने वाले करीमन तेली का परिवार।
जिले में ऐतिहासिक ताजिया निकलती है, जो कि हिंदू और मुस्लिम भाईचारे का संदेश देती है। यह ताजिया नगर के विजईपुर निवासी करीमन तेली के यहां से निकलती है। सबसे पहले जिले के इमाम साहब का ताजिया दफन होता है, उसके बाद करीमन तेली का ताजिया दफन किया जाता है। उसके बाद ही और ताजिया दफन होती है। करीमन तेली की ताजिया पिछले करीब चार पीढ़ियों से निकल रही है।
करीमन तेजी के परिवार के सदस्य रामनाथ का कहना है कि कई पीढ़ियों से यह ताजिया निकाला जाता है। पुरखों ने बताया था कि परिवार में पीढ़ी काे आगे बढ़ाने वाला कोई चिराग नहीं बचता था। इसी के लिए यह मन्नतें मांगी थी। मुराद पूरी हुई, जिसके बाद से उनकी औलाद के रूप में करीमन तेली का जन्म हुआ। इसके बाद से करीमन तेली के नाम से ही ताजिया निकालना शुरू हो गया। विजईपुर में सदियों पहले एक कर्बला चौकी था, जहां मुसलमान भाईयों द्वारा कुछ दिन तक ताजिया उठाया गया था। उसके बाद वह ताजिया बंद पड़ा था। जब उनकी मन्नत पूरी हुई, तबसे ताजिया निकालने का संकल्प लिया गया, जो आज भी परिवार, मोहल्लेवासियों के सहयोग से निकाला जाता है। यह ताजिया परिवार के सुख-समृद्धि के लिए आगे भी निकलता रहेगा।