अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर बापू भवन के
टाउन हाल में गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य वक्ता जिला जज सीएम तिवारी ने
कहा कि अगर हम अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगे, तभी उन्हें संरक्षित
कर सकते हैं।
उन्होंने मानवाधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी
दी। कहा कि अधिनियम के बारे में जानकारी न होने की दिशा में भी पुलिस किसी
भी व्यक्ति को अपराधी बताकर कई दिनों तक थाने में बैठाए रखती है।
जबकि किसी
भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पूर्व पुलिस को अपना नाम पता बताते हुए उक्त
व्यक्ति को उसका अपराध बताते हुए गिरफ्तार करना होता है।
साथ ही अगर अपराधी
गिरफ्तारी के समय अकेले हो तो उसके परिवार के लोगों को जानकारी दी जानी
चाहिए। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आरोपी का तत्काल मेडिकल मुआयना भी कराना
होता है।
ताकि कोई भी व्यक्ति यह न कहे कि पुलिस ने गिरफ्तारी के समय उसकी
पिटाई कर दी।
व्यापारी नेता अरविंद गांधी ने कहा कि मानवाधिकार हनन के
मामले अक्सर प्रकाश में आते रहते हैं लेकिन प्रशासन इन प्रकरणों को कोई खास
तवज्जो नहीं देता है।
मानवाधिकार संगठन के जिलाध्यक्ष डा. आर आर प्रसाद ने
कहा कि मानव अधिकार को संरक्षित करना ही हमारी जिम्मेदारी है।
इस मौके पर
इंजीनियर विष्णु मालवीय, हरदयाल उर्फ कमलेश यादव, राजेंद्र चौधरी, अंकित
यादव, लखन लाल गुप्ता आदि लोग रहे।
बापू भवन के साथ ही नगर के पुलिस
लाइन, लोक निर्माण विभाग के डाकबंगले, बहादुरपुर रैन बसेरा में, एनसीसी
तिराहा पर विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया गया।
इस मौके पर विनय बरनवाल, कृष्ण
कुमार सिंह, कृष्णा यादव, भृगुनाथ, विजय बहादुर सिंह, विनय किशोर, अरविंद
सिंह आदि लोग रहे।