डाला छठ के बाद अब नंदीग्राम मेले में धीरे-धीरे पशुओं की आवक बढ़ने से रौनक बढ़ती जा रही है। ददरी मेले में जहां कवि सम्मेलन, मुशायरा, चलचित्र, प्रदर्शनी, कठपुतली नृत्य के साथ खेलकूद और चेतक प्रतियोगिता को सम्मलित किया गया है। उसी प्रकार 26 नवंबर को खच्चर प्रतियोगिता भी शामिल कर लिया गया है।
उप्र धोबी कल्याण समिति के जिला उपाध्यक्ष जलेश्वर प्रसाद ने बताया कि यह दौड़ मेले की शोभा बढ़ाने के साथ ही धोबी समाज का सम्मान बढ़ाने के लिए प्रस्तावित किया गया है। प्रसाद ने बताया कि नपा अध्यक्ष साधना गुप्ता से खच्चर दौड़ कराने का आग्रह किया गया था। जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए खच्चर दौड़ कराने की अनुमति दे दी।
नंदीग्राम मेला डाला छठ होने के कारण मंदा चल रहा था। लेकिन डाला छठ समाप्त होने के बाद पशु व्यापारियों में कुछ उम्मीेदें दिखने लगी है। उनका कहना है कि हर साल डाला छठ के बाद ही नंदीग्राम मेले में रौनक बढ़ती है। इस साल भी उम्मीद है कि एक-दो रोज में पशु व्यापारी खरीद-बिक्री के लिए अवश्य आएंगे।