बलिया। महर्षि भृगु की तपोस्थली के रूप में विख्यात बलिया क्षेत्र में बृहस्पतिवार की आधी रात से कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान शिवरामपुर संगम तट पर आरंभ हो गया। शुक्रवार को दिनभर डुबकी लगाने का क्रम जारी रहेगा। इस दौरान शहर के शिवरामपुर घाट समेत जिले के विभिन्न घाटों पर दस लाख से अधिक लाेग गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
इसके पूर्व गंगा तट पर 21 हजार दीयों को प्रज्ज्वलित किया गया और वाराणसी से आए विद्वानों के नेतृत्व में जाह्नवी की महाआरती हुई। इसके बाद गंगा तट पर लेजर शो आरंभ हुआ। इसमें प्रणव सिंह कान्हा के बलिया के थीम सांग ने चार चांद लगा दिए। इसके बाद भजन संध्या का कार्यक्रम हुआ। इसमें विमल बावरा, अजंली उर्वशी आदि ने भजनों से माहौल को भक्तिमय बनाया।
बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं का कारवां शहर होते हुए शिवरामपुर गंगा घाट की ओर रवाना होने लगा। कुछ घाट पर तो कुछ कुछ श्रद्धालु संतों की कुटिया में डेरा जमाए रहे। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के साथ ही शुक्रवार को ददरी मेला शुरू हो जाएगा। स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए शिवरामपुर गंगा घाट पर आठ वॉच टॉवर बनाए गए हैं। महावीर घाट से संगम तट तक जाने वाले मार्ग और खतरनाक स्थलों पर बैरिकेडिंग की गई है। क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त किया गया है। नगर पालिका परिषद की तरफ से लाइटें भी लगाई गई हैं। संगम तट को समतल किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त 11 सेक्टर मजिस्ट्रेट मुस्तैद रहे।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से गंगा तट पर करीब 50 महिला-पुरुष शौचालय और महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए 25 अस्थायी कक्ष बनाए गए हैं। गंगा किनारे रेत और कीचड़ को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन ने लोहे की चादरें गंगा के किनारे तक बिछाई हैं।
दिन में ही शुरू हो गया था आने का सिलसिला
शिवरामपुर संगम तट पर स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू हो गया था। दोपहर बाद संख्या बढ़ती गई। रात होते-होते संगम तट पर लाखों लोग जुट गए। रेलवे स्टेशन, रोडवेज व निजी साधन से लोग पहुंचे, महिलाएं सिर पर गठरी व बैग लेकर मंगल गीत गाते हुए घाट पर पहुंचीं। वीआईपी वाहनों को छोड़ अन्य किसी भी वाहन को घाट पर नहीं जाने दिया गया।
डीएम और एसपी करते रहे मॉनिटरिंग
सुरक्षा को लेकर जगह-जगह पुलिस जवान तैनात रहे। संगम तट पर जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर, सीआरओ त्रिभुवन समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे।
गंगा आरती और दीपोत्सव से जगमग हुए घाट
नगर पालिका अध्यक्ष संत कुमार उर्फ मिठाई लाल के संयोजकत्व में बृहस्पतिवार की देर शाम शिवरामपुर गंगा संगम तट पर काशी के आए विद्वानों ने गंगा आरती की। उसके पश्चात नगर पालिका की ओर से दीपोत्सव किया गया। संगम तट भजन कीर्तन व मंगल गीत से गुंजायमान रहा।
मंदिरों में रही भीड़
कार्तिक पूर्णिमा स्नान के पूर्व शहर व उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्वालुओं ने महर्षि भृगु व बाबा बालेश्वर मंदिर में पौराणिक मान्यता के अनुसार हजार बत्ती जलाई। इसके लिए मंदिर में लंबी लाइन लगी रही। उसके पश्चात बाबा दरबार में मत्था टेक स्नान के लिए रवाना हुए।
शहर से लेकर घाट तक पुलिस मुस्तैद
कार्तिक पूर्णिमा स्नान को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए करीब 14 सौ पुलिस कर्मी मुस्तैदी से डटे रहे। नगर से लगायत रेलवे व बस स्टेशन, स्नान घाट पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भ्रमण करते रहे। पुलिस टीम ने ड्रोन व सीसी कैमरे से निगरानी की। पुलिस कर्मी सबका सहयोग करते दिखे। संगम घाट व मेला क्षेत्र को सात जोन व 16 सेक्टरों में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। सभी के साथ पुलिस अधिकारी भी थे। गंगा तट पर महिला थाना भी बनाया गया था।
सील रही शहर की सीमा
भीड़ को देखते हुए तीन बजे से शहर की सीमा सील हो गई। वाहनों के प्रतिबंध के कारण आम लोगों को पेरशानी का सामना करना पड़ा। छह से सात किमी पैदल चलकर शहर के एक छोर से दूसरे छोर पर लोग पहुंचे।
मदद को आगे आईं समाजसेवी संस्थाएं
कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर स्नानार्थियों की सेवा के लिए शहर के गंगा घाट व मंदिर जाने वाले मार्गों पर तमाम समाज सेवी संस्थानों की ओरसे शिविर का आयोजन किया गया। चाय, नाश्ता, दवा का वितरण किया गया।