फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: कानूनगो और लेखपाल का 10 हजार घूस लेते वीडियो वायरल, चपरासी के लिए भी मांगे रुपये

Sun, 25 Aug 2024 07:06 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

बलिया जिले में कानूनगो और लेखपाल का 10 हजार रुपये रिश्वत लेते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इतना ही नहीं कानूनगो द्वारा 500 रुपये चपरासी के लिए भी मांगा गया है। 
विज्ञापन
कानूनगो और लेखपाल का रिश्वत लेते वीडियो वायरल - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सोशल मीडिया पर कानूनगो व लेखपाल का दस हजार रुपये घूस लेने का वीडियो वायरल हो रहा है। उक्त वीडियो सदर तहसील का बताया जा रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। वीडियो में देखा जा रहा कि तीन लोग टेबल पर बैठे हुए हैं। सामने कुर्सी पर बैठा व्यक्ति जिसे कानूनगो कहा जा रहा है। यहां लेखपाल व कानूनगों को एक साथ हस्ताक्षर करने के बदले दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। सामने वाला व्यक्ति पॉकेट से 500- 500 सौ की बीस नोट गिन कर कानूनगो को देते हुए गोड लागने की बात कहते हुए फाइल चपरासी से भेजने को कहता है। 

विज्ञापन


इस पर कानूनगों चापरासी के लिए पांच सौ रुपये मांगते हैं। उक्त व्यक्ति पर्स से पांच सौ की नोट निकाल कर कानूनगो को देता है। वीडियो में कानूनगो सभी पैसों को कागज में लपेटते हुए दिखाई देते हैं।

वीडियो में पैसा लेने वाले व्यक्ति को कानूनगो व बगल में बैठे व्यक्ति को लेखपाल बताया जा रहा है। इस बाबत एसडीएम आत्रेय मिश्रा ने कहा कि इस तरह का कोई वीडियो संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह का कोई वीडियो आता है तो जांच करवाने के बाद विभागीय कार्रवाई तय है। 
विज्ञापन


विज्ञापन

तहसील में हर काम के बदले राजस्वकर्मी पर घूस वसूलने का आरोप 

सदर कोतवाली गेट के सामने कानूनगो की पिटाई मामले के बाद अधिवक्ताओं ने राजस्वकर्मियों पर वादाकारियों से किसी भी काम के बदले अवैध वसूली का आरोप लगाया था, पैसा न देने पर समय से काम न करने की बात कही थी। अधिवक्ताओं के आरोप पर अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सदर तहसील में आए दिन राजस्वकर्मियों पर अवैध वसूली का आरोप लगता रहता है। अधिकारी सबकुछ जानने के बावजूद मूकदर्शक बने रहते हैं। सामाधान दिवस पर आने वाली शिकायतों में 70 प्रतिशत मामले राजस्वकर्मियों द्वारा समय से शिकायत निस्तारण न करने के कारण आते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें