कसबा स्थित कांशीराम कालोनी के बाशिंदे कालोनी की बदहाली को लेकर गुरुवार को सड़क पर उतर आए और विरोध-प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि नगर पंचायत और प्रशासन की लापरवाही से कालोनी में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यही नहीं पीने के लिए जो हैंडपंप लगा है वह भी गंदा पानी उगल रहा है। वहीं एक सप्ताह से कालोनी में बिजली नहीं है।
शिकायत के बावजूद न तो नगर पंचायत न ही प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। यदि इसी तरह की लापरवाही आगे भी रही तो हम फिर सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। कसबा स्थित कांशीराम शहरी आवास योजना के अंतर्गत बने कांशीराम कालोनी के 324 आवास में रहने वाले इन दिनों बदहाली की जिंदगी जी रहे हैं।
तारकेश्वर गोंड ने कहा कि कई सालों से कालोनी में न तो साफ-सफाई की जा रही है और न ही पेयजल की उचित व्यवस्था कराई जा रही है। जिससे इस कालोनी में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा फैल गया है। जबकि इस योजना को मूर्त रूप देने वाले की मंशा रही कि समाज के निचले तबके के स्वच्छ और सुविधा पूर्ण वातावरण वाला आवास मिल सके।
लेकिन नगर पंचायत और प्रशासन कालोनीवासियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। धरना-प्रदर्शन करने वालों में छोटे लाल चौहान, बैजनाथ, शंभूनाथ, फिरोज आलम, पुष्पादेवी, नूरजहां, रमावती देवी, पूनम देवी, घुघरी, पर्मिला, बुद्धा देवी आदि रही।