पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम के निधन से जिले में हर कोई असहज दिखा। हर वर्ग उन्हें अपने लिए प्रेरणास्रोत बता रहा था। निधन पर लोग बोले कि इससे देश को अपूरणीय क्षति हुई है। जिले भर में स्कूलों में शोक सभा कर श्रद्धांजलि दी गई। पूरे दिन शोक संवेदनाओं का दौर जारी रहा।
स्कूलों से लेकर सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में शोक सभा की गई। नगर के बहेरी स्थित दिल्ली पब्लिक कान्वेंट स्कूल प्रांगण में स्कूल खुलने के समय छात्रों एवं शिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान डा. कलाम के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। स्कूल के प्रबंधक शाहिद खां ने कहा कि डा. कलाम कोई साधारण व्यक्ति नहीं थे। वह मिसाइल मैन के रूप वर्षों-वर्षों तक याद किए जाएंगे।
उनके न रहने से देश को अपूर्णनीय क्षति हुई है। इसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है। इसी क्रम में अगरसंडा स्थित सनबीम स्कूल में डा. कलाम के निधन पर शोक सभा की गई। छात्रों और शिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यालय के निदेशक कुंवर अरुण सिंह ने कहा कि डा. कलाम ने कहा था कि मेरे मरणोपरांत अवकाश घोषित करने के बजाए एक अतिरिक्त दिवस कार्य करें।
इसी के मद्देनजर शोक के बाद भी बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं की गई। प्रधानाचार्य रजनीश सिंह ने भी डा. कलाम के निधन पर शोक जताया। कुंवर सिंह इंटर कालेज के कृषि फार्म में डा. कलाम के निधन पर शोकसभा की गई। इसमें एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू ने डा. कलाम के निधन को पूरे देश के लिए क्षति बताया। कहा कि परमाणु के क्षेत्र में उन्होंने जो मिशाल पेश किया था, उसे नहीं भुलाया जा सकता है। सभा में ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह, डा. अमित, मनोज सिंह, अनिरुद्ध सिंह, सुरेंद्र कनौजिया, कमता सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।