बलिया। एक ओर सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की मुहिम चला रही है तो दूसरी तरफ बेटियों की उपेक्षा भी देखने को मिल रही है। रसड़ा थाना क्षेत्र के परसिया मोड़ के पास बीते 26 फरवरी को इसी प्रकार की घटना हुई। एक नवजात बालिका को परित्याग कर दिया गया था। इसे चाइल्ड लाइन की ओर से जिला महिला अस्पताल के न्यू सिक बोर्न केयर यूनिट में भर्ती कराया गया है, जहां उसके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए बृहस्पतिवार को न्याय पीठ बाल कल्याण समिति के सदस्य राजू सिंह पहुंचे और चिकित्सकों से नवजात के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि नवजात बालिका को 26 फरवरी की रात परसिया रसड़ा मोड़ के पास मौत के मुंह में धकेल दिया गया था। जानकारी मिलने पर परसिया मिशनरी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे चाइल्ड लाइन बलिया को सौंप दिया था। नवजात की स्थिति नाजुक देख न्याय पीठ के निर्देश पर चाइल्ड लाइन की टीम ने उसे जिला महिला अस्पताल के न्यू केयर यूनिट में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि नवजात की हालत पहले से बेहतर है। नवजात के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे शिशुगृह में रखा जाएगा। इसके बाद नवजात का फोटो दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित कराने के 2 माह के भीतर जैविक माता-पिता अपना दावा सबूत के साथ न्यायपीठ के समक्ष प्रस्तुत नहीं करते हैं तो बालिका को दत्तक ग्रहण गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित करने की कार्यवाही न्यायपीठ बाल कल्याण समिति की ओर से की जाएगी।