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गांव की संसद चुनने झूमकर निकली आधी आबादी

Sat, 05 Dec 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
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 कभी वक्त था कि चुनाव के दिनों में बहू-बेटियां घर  की दहलीज लांघकर वोट डालने नहीं जाती थी। लेकिन बदलते जमाने के साथ सब कुछ बदल गया और आज की  स्थिति यह है कि हर पोलिंग बूथों पर पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं की लंबी  कतार लग रही है।
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शनिवार को कुछ इसी प्रकार का नजारा तीसरे चरण के चुनाव  के क्रम में गड़वार, हनुमानगंज, दुबहर और सोहांव ब्लाक अंतर्गत विभिन्न  गांवों के पोलिंग बूथों पर देखी गई। ग्राम पंचायत चुनाव में हर पोलिंग  बूथों पर महिलाओं की अप्रत्याशित भीड़ ने एक चीज तो साबित कर ही दिया कि  लोकतंत्र के इस पर्व में वह भले ही कभी पीछे थी। लेकिन अब और नहीं । वह मत डालेगी और विकास पुरूष का ही चुनाव करेगी। प्रत्याशी तथा उनके समर्थक भी  कहां पीछे रहे। दादा, चाचा, भैया से ज्यादा दादी, चाची और भाभी को ज्यादा  तवज्जो दी। घर से रिक्शा, गाड़ी से बुलाकर ले आए फिर मतदान करने के बाद  वापस घर तक छोड़े।

हनुमानगंज ब्लाक अंतर्गत उमरगंज में मतदाता आएशा खातून  बताती है कि लोकतांत्रिक देश की नागरिक होने के नाते मतदान करना मेरा मौलिक  अधिकार है। समाज तथा राष्ट्र का विकास इसी में निहित है और इस त्योहार में  खुद को शामिल कर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। वहीं बहेरी  निवासी मीना देवी का कहना है कि ग्राम प्रधान के चुनाव को अन्य चुनाव की  अपेक्षा मैं ज्यादा तवज्जो देती हूं। क्योंकि हमें पहले गांव में अच्छी सड़क चाहिए, राशन चाहिए।   
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