नगर के टाउन हाल बापू भवन परिसर में जेपी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते लोकतंत्र रक्षक
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जयप्रकाश नगर। क्षेत्र के जयप्रकाश नारायण स्मारक परिसर में मंगलवार को समाजवाद के पुरोधा और संपूर्ण क्रांति के अग्रज रहे लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 120वीं जयंती मनाई गई। इसमें जेपी के परिजनों सहित सैकड़ों क्षेत्रवासियों ने जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। जेपी जयंती पर जेपी ट्रस्ट के प्रांगण में आचार्य नरेंद्रदेव बाल विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं ने 500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों के साथ प्रात: प्रभातफेरी निकाल जयप्रकाशनगर सहित कई इलाकों में भ्रमण किया। प्रभातफेरी से वापस आने के बाद जेपी ट्रस्ट परिसर में जेपी की प्रतिमा पर जेपी की भतीजी मित्रा प्रसाद ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इसके बाद, सैकड़ों लोगों ने जेपी को श्रद्धांजलि दी। जयप्रकाश नारायण ग्रामीण प्रौद्योगिकी केंद्र और जयप्रभा चंदशेखर महाविद्यालय की छात्राओं ने जयप्रकाश नारायण के आंगन और स्मारक परिसर के सामने मनमोहक रंगोली बनाई। प्रशिक्षण केंद्र के शिक्षकों और छात्रों की ओर से एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया और महाविद्यालय द्वारा हिंदी दिवस पर निबंध में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को जयप्रकाश नारायण की भतीजी की ओर से गोल्ड मेडल और प्रशस्ति प्रमाणपत्र दिया गया। मौके पर जेपी ट्रस्ट के अध्यक्ष विवेक प्रसाद, उपसचिव अनिरुद्ध सिंह, जेपी ट्रस्ट के व्यवस्थापक अशोक कुमार सिंह, डॉ. कौशिक सिन्हा, चंदन सिंह, रजनीकांत, दीपक सिंह, ज्ञानेंद्र वर्मा, सुरेश प्रसाद, प्रेमचंद शर्मा आदि रहे।जयप्रकाशनगर। जयप्रकाश नारायण ग्रामीण प्रौद्योगिकी केंद्र की ओर से परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी में घरेलू सामान के साथ-साथ केंद्र द्वारा बनाए गए सामानों की भी प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें लकड़ी के खिलौने, पतल, दोना, अगरबत्ती, मोमबत्ती, डिटर्जेंट पाउडर और कपड़े सजाए गए थे। इसे देखने के लिए लोग जमे रहे। समाजवाद के पुरोधा और संपूर्ण क्रांति के अग्रज रहे जयप्रकाश नारायण की जयंती पर जयप्रकाश नारायण स्मारक प्रतिष्ठान परिसर में जेपी के परिजनों और ट्रस्ट के कर्मचारियों सहित उनके सिताबदियारा और क्षेत्रवासियों द्वारा अपने-अपने तरीके से जेपी को याद जरूर किया। लेकिन बीते वर्षों की तरह यह जयंती इस बार भी एक प्रश्न छोड़ गई। वह यह कि काश यूपी की सरकार भी बिहार सरकार की तरह जेपी जयंती पर कभी गंभीर होती। बिहार सीमा में बिहार सरकार ने जेपी जयंती को पूरी तरह सरकारी आयोजन घोषित कर दिया है। वहां जेपी की जयंती कोई मनाए या न मनाए, छपरा प्रशासन अपनी ओर से भव्य जयंती समारोह की तैयारी करता है। यह सिलसिला वर्ष 2012 से ही जारी है। जबकि यूपी सीमा के जयप्रकाशनगर में सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार की उपेक्षा से ही यूपी के जयप्रकाशनगर में सुना-सुना सा माहौल है। इस बार भी दोनों स्थानों पर अलग-अलग नजारा था। पहला लाला टोला जो बिहार सीमा में पड़ता है, वहां देश के गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई मंत्री व सांसद थे। गांव के लोगों का मानना है कि जब तक चंद्रशेखर जीवित थे, तब तक सभी नेताओं के लिए जयप्रकाशनगर के जेपी खास थे और चंद्रशेखर के निधन के बाद लाला टोला के जेपी खास हो गए।