लगातार बारिश से जहां किसानों की बांछे खिल गई हैं और धान की रोपाई जोरों पर है वहीं जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि लोगों को पिछले दिनों पड़ी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।
पिछले करीब 60 घंटे से लगातार कभी कम तो कभी तेज बारिश हो रही है। पिछले कई दिनों से मौसम में बदलाव हो रहा था और आसमान में बादल उमड़ घुमड़ रहे थे। इस बीच कभी-कभार हल्की बारिश भी होती रही। इसको लेकर किसान काफी चिंतित थे। लेकिन रविवार को दोपहर बाद मौसम ने एकाएक करवट लिया और बारिश शुरू हो गई जो तीसरे दिन मंगलवार की शाम तक लगातार कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही।
लगातार बारिश से किसानों की बांछे खिल गई हैं और खेतों में पानी लगने से धान की रोपाई भी अधिकांश इलाकों में जोरों पर है। हालांकि तीसरे दिन बारिश के साथ चल रही पछुवा हवा के चलते यह काम भी प्रभावित रहा लेकिन इसको लेकर किसान चिंतित नहीं है क्योंकि खेतों पानी के साथ ही नमी इस कदर है जो कई दिनों तक रहेगी। इसके अलावा खरीफ की अन्य फसलों ज्वार, बाजरा, अरहर की बोआई करना भी अब आसान हो जाएगा। किसानों की मानें तो इस मौसम में रोपाई करने पर पौधे का बढ़ाव तेज होता है और सिंचाई की लागत भी कम हो जाती है। उधर, लगातार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। आलम यह है कि बारिश के बीच कामकाजी लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। बारिश हल्की होने पर अगर निकल भी गए तो गंतव्य तक पहुंचने के लिए फजीहत उठानी पड़ रही है। हालांकि लगातार बारिश होने और हल्की हवा चलने के कारण मौसम में सुहावना हो गया। साथ ही लोगों को गर्मी और उमस से भी राहत मिली।