बैरिया। सीएचसी सोनबरसा परिसर में रविवार की दोपहर बाद कुछ लोगों द्वारा जेसीबी मशीन लेकर खुदाई शुरू करा दी गई। अधीक्षक की सूचना पर मौके पर बैरिया पुलिस पहुंची तब पुलिस को देख खोदाई कराने वाले लोग भाग खड़े हुए। पुलिस ने एक जेसीबी को अपने कब्जे में लेकर थाने चली गई।
बता दें कि अक्तूबर 2018 में उक्त जमीन को कुंवर सिंह महाविद्यालय ट्रस्ट बलिया की जमीन बताते हुए परिसर में बने सरकारी टीकाकरण केंद्र ध्वस्त करा कर जमीन को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया था। उस समय तत्कालीन सांसद भरत सिंह व विधायक सुरेंद्र सिंह ने इसका जमकर प्रतिवाद किया। तत्कालीन सांसद की सूचना पर तत्कालीन जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत मौके पर पहुंचे और जमीन को सरकारी जमीन बताते हुए इसमें किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाने के बात कही और तत्कालीन अधीक्षक डॉक्टर विजय कुमार यादव को बैरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराने को कहा। डीएम के आदेश पर डॉक्टर यादव ने बैरिया थाने में एफआईआर दर्ज करा दी थी। इसके साथ ही डीएम ने टीकाकरण केंद्र के जमीन को अस्पताल का जमीन होने का बोर्ड लगवाने का निर्देश तहसील प्रशासन को दिया था। जिसके बाद तत्कालीन एसडीएम ने जमीन पर बोर्ड लगवा दिया कि यह जमीन सरकारी है, इसे कोई भी खरीद या बेच नहीं सकता है। लेकिन कुछ दिनों के बाद ही कुछ अज्ञात लोगों ने बोर्ड को उखाड़ फेंक दिया। दो वर्ष तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा, फिर अचानक रविवार को उक्त जमीन पर जेसीबी से खोदाई शुरू करा दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी को कब्जे में ले लिया, वही खोदाई कराने वाले लोग भाग खड़े हुए। प्रकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चा है। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा के अधीक्षक डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ लोगों ने जेसीबी से खोदाई शुरू कराया था, जिसकी सूचना हमने बैरिया पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचते ही खोदाई का कार्य बंद हो गया। एसएचओ बैरिया राजीव कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले खोदाई कराने वाले लोग भाग गए थे, एक जेसीबी को कब्जे में लेकर थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया है।