बैरिया। तहसील परिसर में अवैध रूप से लगाई गई दुकानों को हटाने के लिए रविवार को कार्रवाई हुई। रविवार को तहसील प्रशासन जेसीबी लेकर दुकानों के शेड हटाने पहुंच गया। दस्तावेज लेखकों ने पहुंचकर जेसीबी को रोक दी। तहसील प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
दस्तावेज लेखकों का कहना है कि हमें 30 वर्ष के लिए दस्तावेज लेखनकार्य व स्टांप बिक्री के लिए एडीएम की ओर से लाइसेंस दिया गया है। किसी का लाइसेंस 2028 तक तो किसी का 2030 तक है। हमें तहसील प्रांगण में बैठने का अधिकार मिला है। जब तक हमें बैठने के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं दी जाती है तब तक हमें हटाया न जाए।दस्तावेज लेखकों ने कहा कि जब तक कोई सक्षम अधिकारी हमें आकर सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था नहीं देते तब तक हम लोगों का धरना चलता रहेगा। इस बाबत उपजिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि गुमटीनुमा दुकान अवैध तरीके से रखी गई हैं। दस्तावेज लेखकों का शेड जैसे-तैसे सड़क आदि पर लगाए गए हैं।
उन्हें तीन दिन पूर्व नोटिस देने के साथ ही समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया गया था। पुनः उनसे मिलकर भी कहा गया था। उन्हें हटाकर पुनः सही तरीके से सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था दी जाएगी। धरने पर बैठने वालों में दस्तावेज लेखक रूपेश कुमार सिंह, आदित्य नाथ पाण्डेय, त्रिभुवन सिंह, धीरज सिंह, मनोरंजन सिंह, दिनारंजन सिंह, कुबेर वर्मा, अशोक उपाध्याय, राजनरायन सिंह आदि उपस्थित रहे। दस्तावेज लेखकों के समर्थन में भाजपा नेता प्रशांत उपाध्याय भी धरने पर बैठे हुए हैं।