वाराणसी में बाबा जय गुरुदेव की शाकाहार रैली में भगदड़ के दौरान सुगिया देवी की मौत होने पर रेवती में रोते-बिलखते परिवारीजन।
- फोटो : Sugia Priwarijn weeping and crying.
वाराणसी में आयोजित जय गुरुदेव के समागम में शामिल होने गई थाना क्षेत्र के रेवती कस्बा निवासी सुगिया देवी (60) पत्नी स्व.केदार यादव की राजपुरघाट पुल पर भगदड़ में मौत हो गई जबकि उनकी बेटी कौशल्या गंभीर रूप से घायल हुई हैं।
रविवार को उनका शव पोस्टमार्टम के बाद पचरुखिया गंगा घाट पर दाह संस्कार किया गया।
जय गुरुदेव आश्रम के प्रमुख पंकज महाराज के आह्वान पर भोपालपुर निवासी योगेंद्र यादव, उनकी पत्नी कौशल्या और सास सुगिया देवी, राजकली देवी, मुन्ना, राकेश, रेखहां के वीरेंद्र यादव सहित 33 लोगों का जत्था चंदौली के डुमरी कटेसर स्थित पड़ाव के लिए शुक्रवार को छपरा-मड़ुुआडीह ट्रेन से रवाना हुआ।
योगेंद्र ने बताया कि बाबा के अनुयायी शनिवार को वाराणसी नगर का भ्रमण करने आठ बजे सुबह निकले। 12 किमी का भ्रमण कर अनुयायी अपराहन 12.30 बजे के करीब राजघाट पुल पर पहुंचा था। वहां विपरीत दिशा से अनुयायियों का जत्था आ पहुंचा।
उधर गाड़ियां सड़क पर आकर जाम हो गई लेकिन वहां पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसी बीच शोर मचा कि पुल टूट रहा है। यह सुन भीड़ में भगदड़ मच गयी। जहां सुगिया देवी सड़क पर गिर गयी। जिन्हें भीड़ ने रौंद दिया।
उधर मेरी पत्नी कौशल्या भी गिरकर करीब दो घंटे तक बेहोश रही। सभी घायलों को लोगों ने चंदौली के कमलापति त्रिपाठी अस्पताल पहुंचाया, जहां सुगिया को मृत घोषित कर दिया गया। दाह संस्कार पचरुखिया घाट पर किया गया। बड़े पुत्र विभूति ने मुखाग्नि दी है। नगर के चेयरमैन प्रतिनिधि कनक पांडेय, सपा नेता बिहारी पांडेय घर पहुंच परिवार को सांत्वना दिये।