शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह के हत्यारोपी मंत्री की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को जिले के कलमकारों की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। वक्ताओं ने मामले में शासन पर शिथिलता बरतने का आरोप लगाते हुए आरोपी मंत्री पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सीआरओ बी राम को सौंपा।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सच को सामने लाने वाले पत्रकारों का जीवन अब सुरक्षित नहीं है। वर्तमान में यह स्थिति है कि सत्ता में बैठे मंत्री नापाक कारगुजारियों के उजागर होने पर शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह को कोतवाल के सहयोग से घर में ही जलाकर मारने का काम कर रहे हैं।
यही नहीं कानपुर में पत्रकार को गोली मार दी गई। कहा कि प्रदेश का कोई ऐसा जनपद नहीं है, जहां पत्रकारों पर हमला न हो रहा हो। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल कायम हो गया है। ऐसी परिस्थिति में पत्रकारों द्वारा अपराधियों के कुकृत्यों को उजागर करने में जानमाल का खतरा उत्पन्न हो गया है। पत्रकारों को सुरक्षा देने के लिए एक कानून की आवश्यकता है। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री राममूर्ति वर्मा का यह कृत्य संविधान विरोधी और अपराधों को बढ़ावा देने वाला है।
पत्र के माध्यम से आरोपी मंत्री को गिरफ्तार करने, मृतक आश्रित को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की। पत्रकारों ने एक स्वर से आरोपी मंत्री और कोतवाल को बर्खास्त करने तथा प्रदेश भर के पत्रकारों को सुरक्षा देने के लिए कानून बनाने की मांग की। इस मौके पर अजय भारती, दिनेश कुमार गुप्ता, डीएन पांडेय, रवींद्र चौरसिया, धनंजय पांडेय, मनोज कुमार राय, केके सिंह, श्रवण कुमार पांडेय, रवि प्रकाश, मुशीर जैदी, शिवकुमार तिवारी, संजय तिवारी, धनंजय सिंह, अमित कुमार, असगर अली समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे। अध्यक्षता प्रमोद कुमार उपाध्याय एवं संचालन मधुसूदन सिंह ने किया।