टीडी कालेज के मनोरंजन हाल में आयोजित जनपदीय छात्र सम्मेलन को संबोधित करते छात्रनेता नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू।
कुर्बानी और शहादत की सरजमीं बलिया के छात्रों और जवानों ने जरूरत पड़ने पर देश को अपने लहू से सींचा है।लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। सपा सरकार ने विश्वविद्यालय की घोषणा कर शिक्षा के क्षेत्र में उम्मीद की किरण तो दिखाई है, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की घोषणा कर उसे शुरू न करना संदेह पैदा कर रहा है।
यह बातें बुधवार को टीडी कॉलेज के मनोरंजन हॉल में आयोजित जनपदस्तरीय छात्र सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहीं। कहा कि प्रतिभाओं का धनी यहां के युवा शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए बड़े महानगरों में भटकने के विवश है। वहीं जिले में विश्वविद्यालय नहीं होने और पैसे का अभाव होने से उसकी शैक्षणिक प्रतिभा बेमौत मारी जाती रही है।
छात्रों के हौसलों को उस दिन से पंख लग गए जिस दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जिले में पूर्व पीएम चंद्रशेखर के नाम पर जिले में विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। लेकिन शैक्षणिक कार्य शुरू न करना छात्रों के मन में संदेह पैदा कर रहा है। उन्हें यह भय सता रहा है कि कहीं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा गड़वार में की गई विश्वविद्यालय की घोषणा की तरह यह भी हवाई न साबित हो।
यदि तत्काल चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक कार्य शुरू नहीं होता है तो छात्र आंदोलन तेज करेंगे। सम्मेलन में एक स्वर से छात्रनेताओं ने प्रदेश सरकार से सत्र 2016-17 से ही कुलपति की घोषणा कर चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र शुुरू करने की मांग की।
सम्मेलन को संबोधित करने वालों में जगत नारायण मिश्र, दिनेश प्रताप सिंह, कृष्णमोहन सिंह, किसन प्रताप सिंह, सुजीत सिंह परिहार, विजयानंद ङ्क्षसह विजुल, राकेश सिंह टिंकू, मिथिलेश यादव मोती, अभिषेक यादव आदि रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल विवेक पाठक, दिलीप सिंह, नितेन सिंह एवं संचालन जिला छात्र संघर्ष समिति के संयोजक मानवेंद्र विक्रम सिंह ने किया।