बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया में कूड़ा निस्तारण संबंधित वाहन खरीदने के लिए वर्ष 2019-20 एवं 2022 व 23 में 2.40 करोड़ रुपये की प्राप्त धनराशि में घोटाले की जांच तेज हो गई है। उस समय नगर पालिका परिषद के सभासदों ने आरोप लगाया था कि स्वच्छता और विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था विफल रही है।
शासन तक मामला पहुंचाने पर तत्कालीन डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एसडीएम सदर व वरिष्ठ कोषाधिकारी की जांच समिति बनाई थी। उसी समय से मामले की जांच चल रही थी। इस मामले में तत्कालीन ईओ दिनेश विश्वकर्मा को निलंबित किया गया था। उसके बाद से यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। इधर बीच, जांच समिति ने घोटाले के मामले में नपा के लिपिक कृष्ण राघव मिश्रा, अभिनव कुमार, अवर अभियंता जलापूर्ति व सफाई निरीक्षक को साक्ष्य के साथ बयान दर्ज करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ने तत्काल उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इन सभी पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। एक सप्ताह पूर्व वरिष्ठ कोषाधिकारी ने आरोप के दायरे में शामिल कर्मचारियों को बुलाकर जांच की थी। इधर सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को चार नवंबर को बुलाया था लेकिन कार्तिक पूर्णिमा स्नान के कारण बयान दर्ज नहीं हो सका।
वाहन की कमी से चरमराई कूड़ा निस्तारण व्यवस्था
नगर पालिका परिषद की तरफ से कूड़ा निस्तारण से संबंधित वाहनों की खरीदारी न होने से नगर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। वाहनों की कमी के चलते बिलंब से कूड़े का उठान होता है। इसको लेकर सभासद सफाई व्यवस्था को लेकर हमेशा सवाल खड़े रहते हैं।
पुराने वाहनों को दिखाया गया कागज में
नगर पालिका परिषद में कूड़ा निस्तारण संबंधित वाहन समेत अन्य सामग्री की खरीदारी कागज पर की गई। आरोप है कि पुराने वाहनों को ही नया दिखा दिया गया। सभासद सुमित कुमार मिश्रा गोलू ने बताया कि हम सभी ने जांच की मांग की थी। कूड़ा निस्तारण वाहन खरीदारी नहीं होने से सफाई में दिक्कत हो रही है।
नगर पालिका परिषद बलिया में कूड़ा व अन्य सामग्री खरीदने में हुए वित्तीय अनियमितता की जांच चल रही है। आरोपित कर्मचारियों को चार नवंबर को बुलाया गया था लेकिन कार्तिक पूर्णिमा स्नान की व्यस्तता के चलते अभिलेख की जांच व बयान दर्ज नहीं हो पाया। दो-चार दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। -आशाराम वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट बलिया।