रसड़ा। नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी एवं लिपिक की मिलीभगत से वित्तीय अनियमित़ता के आरोप की जांच एसडीएम रसड़ा ने शुरू करदी है। एसडीएम ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर सबूत मांगे हैं।
भाजपा पिछड़ा वर्ग के नगर मंडल अध्यक्ष अनिल सोनी ने नगर विकास मंत्री, विभाग के प्रमुख सचिव के अलावा मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेज कर नगर पालिका अध्यक्ष, ईओ और एक लिपिक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था। मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। नगर के बड़े नाले की सफाई के नाम पर भुगतान, वार्ड नंबर 20 में गोशाला रोड पर भुगतान, पेट्रोल-डीजल के नाम पर भुगतान, आउट सोर्सिंग टेंडर की प्रक्रिया गलत तरीके से किए जाने सहित 17 बिंदुओं पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। मंडलायुक्त से आठ अगस्त एवं जिलाधिकारी के 30 अगस्त को भेजे गए पत्र के आधार पर उपजिलाधिकारी ने जांच शुरू कर दी है। उपजिलाधिकारी ने नगर पालिका के ईओ एवं शिकायतकर्ता को नोटिस भेज कर साक्ष्य के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। नपा ईओ धर्मराज ने बताया कि जिन बिंदुओं पर शिकायत की गई है, उसके अभिलेख उपजिलाधिकारी को दे दिए गए हैं।
मंडलायुक्त के यहां से पत्र आया है। नोटिस भेज कर दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे गए हैं। जल्द ही स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट मंडलायुक्त को प्रेषित की जाएगी। -संजय कुमार कुशवाहा, उपजिलाधिकारी, रसड़ा।