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घाघरा का जलस्तर बढ़ा कटानरोधी कार्य बाधित

Mon, 29 Jun 2015 11:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
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इब्राहिमाबाद नौबरार (आठगांवा) ग्राम पंचायत में कटानरोधी काम पर संकट गहरा गया है। इससे गांव के लोगों में चिंता बढ़ गई है। बाढ़ विभाग की ओर से इधर बीच कराया गया कार्य भी घाघरा में समा गया है। गांव के लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने पहले ही काम शुरू करा दिया होता तो ऐसी नौबत नहीं आती। जानबूझकर बारिश के मौसम में काम शुरू कराया गया, ताकि धन का बंदरबांट कर सकें।
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आठगांवा में शनिवार और रविवार को तेज बारिश के बाद से कटारोधी कार्य बाधित है। बारिश के बाद से घाघरा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। गत दिनों कटान पीड़ितों के आंदोलन के बाद किसी प्रकार काम शुरू कराया गया था। अब तक महज 50 मीटर ही काम हुआ था, जिसे घाघरा बहा ले गई।

सोमवार को काम पूरी तरह बंद था। मजदूर बोरी सहित अन्य संसाधन के अभाव में बैठे रहे, तो कहीं बोरी से भरी नाव नायलान के नेट के अभाव में नदी में खड़ी नजर आई। विभाग के इस रवैये को देखकर ग्रामीणों में नाराजगी के साथ मायूसी भी है। ग्रामीणों को अंदेशा है कि मुख्यमंत्री राहत कोष से कटानरोधी कार्य के आहरित पांच करोड़ धन को विभागीय अधिकारी और ठेकेदार बंदरबांट करना चाह रहे हैं।
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यदि कटानरोधी कार्य कराना था तो मई में ही कार्य शुरू क्यों नहीं करा दिया गया। जून के अंत में कार्य शुरू करना साबित करता है कि धन के लूटखसोट की पटकथा पहले से ही लिखी गई थी। आलम यह है कि कार्य तो शुरू हो गया, लेकिन विभागीय अधिकारी कार्य की गुणवत्ता को परखने के लिए मौके पर जाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं।

 इसका उदाहरण सोमवार को कटानरोधी कार्य स्थल पर बाढ़ विभाग के मात्र सहायक अभियंता मुन्ना यादव का नजर आना है। क्षेत्र के रामनरेश चौधरी, राकेश सिंह राकी, नंदजी सिंह आदि ने शासन-प्रशासन ने गुहार लगाई है कि यदि उनकी गांव को बचाने की नीयत है तो बड़े स्तर पर कार्य मजबूती के साथ कार्य कराया जाए। अन्यथा हम ग्रामीणों को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाए।
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