बलिया। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित व्यक्तिगत विवाह योजना बंद होने से जिले के करीब 3951 आवेदकों को झटका लगा है। ये आवेदक अब अनुदान के रूप में मिलने वाली 20 हजार रुपये की धनराशि से भी वंचित हो जाएंगे। विभाग के अनुसार पोर्टल से बिल जनरेट के ऑप्शन हटा दिया गया है। अब समाज कल्याण विभाग के निदेशक राकेश कुमार ने एनआईसी को पत्र भेज कर इस योजना को पोर्टल से हटाने का निर्देश दिया है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों का विवाह व्यवस्थित तरीके से हो सके इसके लिए राज्य सरकार की ओर से व्यक्तिगत विवाह योजना का संचालन किया जा रहा था। योजना के तहत आवेदन के सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने वालों को 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्रों को व्यक्तिगत विवाह योजना के पोर्टल पर संपूर्ण जानकारी देने के बाद बिल जनरेट के ऑप्शन को क्लिक करना पड़ता है। इसके पात्रों का स्थलीय सत्यापन किया जाता है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग के अलग-अलग गरीब परिवारों को लगभग 1.5 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी। योजना का लाभ लेने के लिए अब तक 3951 आवेदन हुए हैं। जिसमें पिछड़ा वर्ग के 2900, अनुसूचित जाति के 630 जबकि सामान्य वर्ग के 421 परिवारों ने आवेदन किया था। लेकिन अब योजना बंद होने के कारण इन परिवारों को झटका लगा है। विभाग ने इन सभी आवेदनों को निरस्त भी कर दिया है।
व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना शासन की ओर से बंद कर दी गई है। सरकार जरूरतमंदों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च कर रही है। सामूहिक विवाह योजना काफी लोकप्रिय होने के कारण अब व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना के संचालन का कोई कोई औचित्य नहीं रह गया है। - विनोद सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बलिया