मनियर के रिगवन गांव के समीप उपजाऊ भूमि को काटती घाघरा का पानी।
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मनियर। घाघरा नदी के जलस्तर में हो रहे बढ़ाव से तटवर्ती गांव के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। नदी में तेज धारा से कटान की गति भी तेज हो गई है। इससे गांव के दर्जनों किसानों के उपजाऊ योग्य भूमि नदी में समाहित होती जा रही है। इससे किसानों की चिन्ता बढ़ती जा रही है। गौरतलब हो कि लगातार हो रही है बारिश के कारण नदियों के पानी उफान पर है। वहीं, लाल निशान छूने को आतुर घाघरा नदी का पानी अब गांव की ओर रूख कर चुका है। लोगों की माने तो नदी के पानी की तेज धारा व पुरवा हवा के थपेरो से रिगवन गांव के तरफ कटान तेज हो गया है। नदी के पानी से कटान का रूख रिगवन गांव की ओर बढ़ता जा है।
गांव निवासी परशुराम पांडेय, हरेराम पांडेय, तारकेश्वर, लक्षुमन, मोहन, सत्यदेव, महेश, राजेश, प्रभाकर, योगेंद्र सिंह, शुभ नारायण सिंह, गोपाल चौधरी, भृगु मल्लाह, मोहन गोड़ सहित अन्य किसानों की उपजाऊ योग्य जमीन पर लगातार कटान जारी हैं। इससे किसानों के आगे भोजन व पशुओं के लिए चारा की समस्या बढ़ गई है। यदि इसी तरह से कटान जारी रहा तो वह दिन दूर नहीं कि अन्य किसानों की भी उपजाऊ भूमि नदी में समाहित हो जायेगी। रिगवन गांवों के लोगों ने शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कटान रोकने की मांग की है।