बलिया। रेलवे स्टेशन परिसर में बाइक व चार पहिया स्टैंड पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। खुले आसमान के नीचे बाइक व कार को खड़ी किया जाता है। अगलगी की घटना होने पर ठेेकेदारों के पास आग पर काबू पाने के लिए एक फायर इंस्टीग्युशर तक नहीं है। सिर्फ फायर ब्रिगेड का सहारा है। ट्रैफिक के कारण दमकल की गाड़ी आने में 20 मिनट से ज्यादा समय लग जाएगा। तब तक बड़ी घटना होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। रेलवे प्रशासन चेत नहीं रहा है। अब तक सुरक्षा व बचाव के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया है।
रेलवे स्टेशन से वाराणसी, मऊ व छपरा रूट के लिए 35 से अधिक ट्रेनों का प्रतिदिन संचालन होता है। नौकरी पेशा, व्यापारी व मरीज अपनी बाइकें खड़ी कर पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों से वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, सुरेमनपुर, सहतवार, रेवती, रसड़ा, छपरा जाते हैं। रविवार की दोपहर को बाइक स्टैंड में 100 से ज्यादा बाइकें खड़ी थीं। हर माह लाखों की आमदनी होने के बावजूद बाइकों को खुले आसमान के नीचे खड़ा किया गया था। धूप व धूल में शाम तक बाइकों की हालत खराब हो जाती है। सुरक्षा के नाम पर चहारदीवारी तक नहीं है। स्टैंड के तीन-चार कर्मचारी दिखे। उसके बगल में कार स्टैंड में सिर्फ चार या पांच गाड़ियां खड़ी थीं। सर्कुलेटिंग एरिया में यात्रियों को छोड़ने के लिए आने वाहनों से जबरदस्ती प्रति गाड़ी 40 रुपये की वसूली हो रही है। इसको लेकर कई यात्रियों के विवाद भी होता है।
चालकों ने बताया कि यह आम बात है। आए दिन अवैध वसूली की शिकायत यात्रियों की ओर से की जाती है, लेकिन दबंग ठेकेदार लाखों रुपये देकर स्टैंड का टेंडर लेने की बात करते हैं। पिछले दिनों शहर के समाजसेवी अतुल सिंह ने एक्स के माध्यम से उच्चाधिकारियों से सर्कुलेटिंग एरिया में अवैध वसूली रोकने की मांग की थी, उसके बावजूद वसूली जारी है। इस बाबत पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि टेंडर के समय सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किया जाता है, संबंधित अधिकारी को जांच कर उसका पालन करने का निर्देश जारी किया गया है।