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फसल बीमा के नाम पर जिले के 3998 किसानों के खाते से बैंकों ने काटी 50 लाख से अधिक की धनराशि

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बलिया। पैसों की जमापूंजी के लिए लोगों का सबसे ज्यादा भरोसा बैंकों पर रहता है लेकिन जब वहीं लोग छले जाए तो फिर भरोसा किस पर किया जाए। जिले में बैंकों ने बिना अधिसूचित फसलों के बीमा के नाम पर 3998 किसानों की केसीसी से धनराशि की कटौती कर दी। फसल अधिसूचित न होने से एजेंसी ने बीमा अस्वीकार कर दिया और धनराशि भी बैंकों को वापस कर दी गई लेकिन यह किसानों के खातों तक नहीं पहुंची। सबसे अधिक गड़बड़ी एसबीआई से हुई थी। यह धनराशि 50 लाख से अधिक है।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का शुभारंभ जिले में वर्ष 2016-17 में हुआ। इसके तहत अधिसूचित क्षेत्रों में खरीफ और रबी की फसलों के बीमा कराने का प्रावधान है। जिले के लिए किसानों को खरीफ की फसल के लिए निर्धारित लागत की दो फीसदी और रबी की फसल के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना पड़ता है। फसल बीमा को लेकर जिले के लिए नामित बीमा एजेंसियां इन प्रीमियम को अलग-अलग तरीके से स्वीकार करती हैं। बैंक किसान क्रेडिट कार्ड से बीमा प्रीमियम की कटौती करते हैं। हालांकि वर्ष 2020-21 से यह योजना एच्छिक हो गई है। इसके बावजूद बैंक हर साल किसानों के केसीसी से मनमानी कटौती करते हैं। लाख प्रयास के बावजूद यह धनराशि किसानों को वापस नहीं मिलती। धनराशि बैंकों में ही डंप पड़ी रहती है।
वर्ष 2020-21 में इस तरह का मामला सामने आया है। खरीफ के दौरान धान फसल की बीमा के लिए कुल 3998 किसानों से 50 लाख से अधिक की धनराशि बतौर प्रीमियम कटौती कर ली गई। इसका खुलासा जिले के लिए नामित एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के जिला प्रतिनिधि की ओर से की गई मॉनीटरिंग में हुआ है। जिला प्रतिनिधि ने बताया कि सबसे अधिक एसबीआई ने यह गड़बड़ी की थी। बतौर उदाहरण, बेलहरी ब्लॉक के पुरास और बसुधरपाह गांव मक्का फसल के लिए अधिसूचित की गई है। यहां के किसानों के केसीसी से मक्का फसल की बीमा के लिए प्रीमियम की कटौती की जा सकती है। बैंकों ने इन गांवों के 60 किसानों का धान फसल की बीमा के लिए केसीसी से प्रीमियम की कटौती कर दी।
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वर्ष 2020-21 खरीफ -
कुल बीमा कराने वाले किसान- 37145
कुल प्रीमियम- 29979654.51
जिले के करीब चार हजार किसानों के केसीसी से बिना अधिसूचित फसल की बीमा के लिए प्रीमियम की कटौती कर धनराशि बीमा एजेंसी को भेजी गई थी। इस धनराशि को बीमा एजेंसी ने अस्वीकार कर वापस कर दिया है। - नितेश कुमार, जिला प्रतिनिधि, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड
अक्सर किसानों की ओर से बिना अधिसूचित फसल के प्रीमियम काटे जाने की शिकायत मिलती है। इसके लिए संबंधित बैंकों को निर्देश दिया जाता है। इसकी शिकायत मिलने पर मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। - विकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बलिया
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