जिला कारागार में बंदी रक्षकों पर उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाते हुए करीब 600 कैदियों ने सोमवार देर शाम भूख हड़ताल शुरू कर दिया। जेल सूत्रों की मानें तो कई कैदियों के सामूहिक स्थानांतरण की चल रही तैयारी से भी सभी नाराज हैं। कैदियों की भूख हड़ताल से जेल प्रशासन के हाथ-पैर फूलने लगे हैं। जेल की हर गतिविधि से उप महानिरीक्षण कारागार को भी अवगत कराया गया है।
जिला कारागार में बंदी रक्षक के साथ मारपीट की घटना के बाद तनाव की स्थिति चल रही है। रविवार शाम को हुई घटना के बाद से ही बंदी रक्षक एक साथ आ गए हैं, उधर कैदी भी कई मांगों को लेकर सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए। कैदियों का आरोप है कि बंदी रक्षक उनका उत्पीड़न करते हैं। और जेल प्रशासन दोषी बंदी रक्षकों को बचाने का काम कर रहा है। सूत्रों की माने तो काफी दिनों से उत्पात मचा रहे कई दबंग कैदियों के सामूहिक स्थानांतरण को रोका नहीं जा सकता। इसे लेकर भी कैदी नाराज हैं।
बता दें कि जिला कारागार में रविवार शाम किसी बात को लेकर कैदियों ने एक बंदी रक्षक रवींद्र राजभर के साथ मारपीट की थी। घटना से पहले किसी बात को लेकर बंदीरक्षकों ने चार कैदियों की जमकर धुनाई की थी। इसमें से एक कैदी राजू चौरसिया गंभीर रूप से घायल हो गया था। जेल अस्पताल में दो दिन तक इलाज के बाद मंगलवार को जिला अस्पताल ले आया गया। अस्पताल में पहुंचे कैदी राजू के शरीर पर गंभीर घाव के निशान हैं ।
उसका कहना था कि बंदी रक्षकों द्वारा अक्सर कैदियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। जब कैदी विरोध करते हैं तो जेल प्रशासन उनके ही विरुद्ध कार्रवाई करता है। बंदी रक्षकों की गलती को जेल प्रशासन नजरअंदाज करता है। इससे आहत कैदी सोमवार से ही भूख हड़ताल पर हैं। कैदियों की मांग है कि दोषी बंदी रक्षकों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही कैदियों को स्थानांतरण की चल रही तैयारी पर रोक लगाई जाए। अन्यथा कैदी अपने भूख हड़ताल को आगे भी जारी रखेंगे।
वहीं जेल डीआईजी, राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिला कारागार में कैदियों ने शाम को कुछ मांगों को लेकर भूख हड़ताल किया था। उन्हें समझाबुझाकर शाम को ही समाप्त कराने की सूचना जेल अधिकारियों ने दी है। यदि भूख हड़ताल समाप्त नहीं हुआ है, तो इसकी जानकारी ली जाएगी।