क्षेत्र के टकरसन फीडर अंतर्गत भिन्न-भिन्न गांवों में कुल चार ट्रांसफार्मर महीनों दिनों से फुंका पड़ा है। जिससे एक तरफ जहां सिंचाई कार्य बाधित चल रहा है। वहीं कई गांव अंधेरे में हैं, लेकिन बिजली विभाग इसके लिए कोई कवायद करता नहीं दिख रहा है।
क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव स्थित 57 बीजी सरकारी नलकूप का 63 केबीए का ट्रांसफार्मर 28 मई से फूंका पड़ा है। किसानों ने इसकी जानकारी जेई सहित विभाग के अधिकारियों को दी। बावजूद ट्रांसफार्मर आज तक नहीं बदला गया। जिससे सैकड़ों एकड़ किसानों के रबी की फसल सूख रही है। वहीं दिउली गांव के समीप जनकरपार स्थित 278बीजी सरकारी नलकूप छह माह से जला पड़ा है। आलम यह है कि ट्यूबवेल के आसपास के किसान इसी ट्यूबवेल के भरोसे अपनी खेतीबारी करते हैं। ट्यूबवेल न चलने से दर्जनों किसानों की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गया है। वहीं बांसडीह रोड बाजार का 25 केबीए का ट्रांसफार्मर बीते दो माह से जला पड़ा है। जिससे पूर्वांचल बैंक, सहारा बैंक, एलआईसी आफिस, जनसेवा केंद्र, सीएचसी सेंटर सहित दर्जनों गैर सरकारी संस्थान बिजली के अभाव में शो-पीस बने हैं, या फिर जनरेटर के भरोसे काम चलाया जा रहा है।
हरपुर गांव के 63 केबीए का ट्रांसफार्मर डेढ़ माह से फूंका पड़ा है। गांव के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मोबाइल चार्ज कराने के लिए ग्रामीण दूसरे गांव जा रहे हैं। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान अखिलेश सिंह ने बताया कि बिजली विभाग के अवर अभियंता को ट्रांसफार्मर जलने का कई बार सूचना दी गई। जबकि शासन का निर्देश है 72 घंटे के अंदर जले ट्रांसफार्मर को बदल दिया जाएगा। क्षेत्र के रामेश्वर सिंह ने बताया कि जले ट्रांसफार्मर को बदलवाने के लिए ग्रामीण चंदा जुटा रहे हैं। विभाग कह रहा है कि आप ट्रांसफार्मर लाइए। उसके बाद ही बदला जाएगा। इस बारे में अधिशासी अभियंता बृजेश सिंह का कहना है कि ट्रांसफार्मर जलने की बात उनके संज्ञान में नहीं है। जल्द ही जले ट्रांसफार्मर को बदलवा दिया जाएगा।