हल्दी। मंगलवार को भाजपा के पूर्व द्वाबा विधायक सुरेंद्र सिंह ने एनकेसी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर केके राम से मुलाकात कर एक सप्ताह के अंदर मृतक के परिजनों मुआवजा देने की बात कही। अन्यथा कंपनी का काम बंद करने की चेतावनी दी। इस दौरान पूर्व विधायक ने पुलिस पर भी आरोप लगाया। इस मौके पर बृजेश राजभर, मनीष सिंह, नागेन्द्र सिंह, संपूर्णानंद, संतोष पासवान, रविन्द्र सिंह, चंद्र भूषण पांडेय आदि रहे।
28 जून को हल्दी थाना क्षेत्र गायघाट निवासी गोपाल राजभर (30) तथा बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के अकोल्ही निवासी रवि राजभर (30) व अशोक राजभर (45) एक ही बाइक से बलिया की ओर जा रहे थे। गायघाट डाकबंगला के पास डंपर ने टक्कर मार दी थी। हल्दी पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने गोपाल व अशोक को मृत घोषित कर दिया। घायल रवि को वाराणसी रेफर किया गया है। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात वाहन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने पुलिस व कंपनी में मिलीभगत का आरोप लगाया। वहीं, थानाध्यक्ष विश्वदीप सिंह ने कहा कि मुकदमे से संबंधित सभी जरूरी कार्यवाही कर दी गई है। कंपनी से मिले होने का आरोप बेबुनियाद है। जबकि एनकेसी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर केके राम ने कहा कि कंपनी की किसी भी गाड़ी से यह घटना नहीं हुई है। एनकेसी की सभी गाड़ियों में जीपीएस लगा हुआ है। पुलिस कभी भी उसे ट्रेस कर सकती है। अपने उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। वे लोग जैसा निर्देश देंगे वैसा किया जाएगा। पीड़ित परिवार से सहानुभूति है।