बिजली के लिए चक्काजाम के बाद बस फूंकने के मामले में छात्रनेताओं पर मुकदमा दर्ज होने के बाद छात्र संगठनों में गहरी नाराजगी है। मंगलवार को मामले में छात्र संघर्ष समिति ने कुंवर सिंह पीजी कालेज के छात्रसंघ भवन में बैठक कर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
छात्रों पर से मुकदमा हटाने की मांग की गई। मामले को लेकर 17 जून को डीएम और एसपी से मिलने का निर्णय लिया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर छात्रों पर से मुकदमे नहीं हटाए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। समिति के संयोजक नागेेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ छात्र संघ हमेशा संघर्ष करता रहा है और छात्रसंघ का यही कर्तव्य भी है।
कहा कि गत दिनों विद्युत कटौती के विरुद्ध छात्रनेता आंदोलन चला रहे थे। आंदोलन के दौरान छात्रनेताओं ने जिला प्रशासन से बार-बार मांगों को पूरा कराने का निवेदन किया। लेकिन प्रशासन के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा था। बिजली विभाग अपनी कमियों को छुपाने के लिए पुलिस से मिलकर छात्रनेताओं को मुकदमा कराया है।
कहा कि सभी छात्रनेताओं को एकजुट होकर प्रशासन के अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करना होगा। छात्रनेता मानवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जनता की बुनियादी सवालों पर छात्रनेता आंदोलन चला रहे थे। लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए जिला प्रशासन ने छात्रनेताओं पर संगीन मुकदमे लादे। जो कि सरासर अन्याय है। इसपर पुनः विचार करना चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया कि प्रशासन तत्काल छात्रनेताओं पर से मुकदमे को वापस लिया जाए। अन्यथा छात्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। कहा कि छात्रनेताओं के स्वाभिमान की रक्षा कर लोकतांत्रिक मूल्यों का हिफाजत किया जाएगा। निर्णय लिया गया कि छात्र संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल 17 जून को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले पर वार्ता करेगा।
बैठक में राकेश सिंह, प्रभुनाथ यादव, राणा प्रताप यादव, मिथिलेश यादव, किशन प्रताप सिंह, आशीष प्रताप सिंह, आनंद विक्रम सिंह, ऋषिकेश पांडेय, सुजीत सिंह परिहार, संतोष पांडेय, शैलेश यादव, पवन सिंह, चंदन यादव, सुधीर सिंह, विवेक पाठक, शिंपू सिंह, विवेकानंद पांडेय आदि रहे।