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UP: सौ मीटर दूर घटना स्थल फिर भी नहीं सुनाईं दी चीख-पुकार, पत्नी और दो मासूमों को मारकर लगा ली फांसी

Tue, 12 Dec 2023 02:20 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया

सार

बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के देवडीह गांव निवासी श्रवण कुमार (35) पुत्र मोहन राम अपने घर से कुछ ही दूरी पर स्थित बगीचे में अपनी पत्नी शशिकला(30), पुत्र सूर्या राव (7), मिठू (4 ) को रविवार की रात में ले गया और धारदार हथियार से निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी।
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रोती- बिलखती मृतका शशिकला की मां और अन्य महिलाएं - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कोतवाली क्षेत्र के देवडीह गांव में रविवार की देर रात पारिवारिक विवाद को लेकर एक युवक ने अपने दोनों बच्चों के साथ पत्नी की निर्मातापूर्वक हत्या कर दी। हत्या के बाद युवक ने भी घर के पास बगीचे में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की सूचना क्षेत्र में जैसे ही फैली सभी अवाक रह गए। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों भी जुड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के देवडीह गांव निवासी श्रवण कुमार (35) पुत्र मोहन राम अपने घर से कुछ ही दूरी पर स्थित बगीचे में अपनी पत्नी शशिकला (30), पुत्र सूर्या राव (7), मिठू (4 ) को रविवार की रात में ले गया और धारदार हथियार से निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी। तीनों की हत्या के बाद श्रवण सिंह ने भी पेड़ में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक श्रवण के पाकेट से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें पारिवारिक कलह की जिक्र भी किया है।

घटना की सूचना गांव व परिवार के किसी सदस्यों को कानों-कान नहीं हुई। घटना की सूचना रात में ही मृतक श्रवण के ससुर ने कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते कोतवाली थाना प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और चारों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस अधीक्षक एस आनंद पहुंच गए और मातहतों को आवश्यक निर्देश दिया। उधर, मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की गहन जांच पड़ताल की और साक्ष्यों को इकट्ठा किया।

मायके के लोगों को मिल गई घटना की सूचना, लेकिन ससुराली जन रहे अनभिज्ञ

कोतवाली थाना क्षेत्र के देवडीह गांव में एक परिवार के साथ हुई निर्मम वारदात को लेकर पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर इसे मृतक श्रवण द्वारा कारित की गई घटना करार देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री जरूर कर ली हैं। लेकिन इस निर्ममता के पीछे की कई कड़ियां पूरी पटकथा को सवालों के घेरे में खड़ी कर रहीं हैं। मामले में घरेलू विवाद को इसका जिम्मेदार ठहराना कहां तक उचित है। इसे लेकर भी लोगों के मन में असमंजस है। वास्तविकता के आधार पर देखा जाए तो अंदरखाने में पुलिसकर्मियों में भी इसे लेकर मतभेद है। देर रात गांव के एक बगीचे में चीख पुकार मचती है और तीन लोगों की हत्या के बाद एक आत्महत्या होती हैं। इसकी आहट नगरा थाना क्षेत्र तक पंहुचती है, लेकिन आस-पास के लोग तो दूर घर के लोग भी इससे अनभिज्ञ रहते हैं। सूचना पर पीआरबी जाकर लौट आती है और सब कुछ सामान्य बताती है। इसके बाद देर रात मृतका शशिकला के घर के लोग वहां पंहुचते हैं तो उन्हें भी वहां कुछ नहीं मिलता। इसके बाद मौके पर पुलिस के जाने के बाद जब घटना का खुलासा होता है तो हड़कंप मच जाता है। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर सवालों के घेरे में उलझी पुलिस को अचानक सुसाइड नोट के रूप में एक संजीवनी मिलती है और पूरे घटनाक्रम का दोष मृतक पर मढ़कर पुलिस का काम लगभग समाप्त हो जाता है। जबकि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की कहानी मात्र एक लाइन में पुलिस की जुबानी है कि मामला घरेलू विवाद का है। पति-पत्नी में काफी दिनों से विवाद चल रहा था। लेकिन इसमें साथ एक बात और है जिसे पुलिस भूल रही है कि दोनों में काफी प्रेम भी था। जिसकी परिणीति में उन्हें दो संतानों की संतति प्राप्त थी। बावजूद इसके सिर्फ एक सुसाइड नोट जिसकी अभी प्रमाणिकता की भी जांच नहीं हुई है। उसके आधार पर आनन-फानन में इस घटना का अनावरण सिर्फ जल्दबाजी है। जबकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी कई ऐसे सवाल हैं। जिनका पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है। फिलहाल अंदरखाने में पूरे मामले की जांच चल रही है। लेकिन ऐसा लगता है कि पुलिस इस जघन्य हत्याकांड के प्रकरण को कागज के एक टुकड़े की आड़ में समाप्त कर देना चाहती है।

 

सौ मीटर दूर घटना स्थल फिर भी नहीं सुनाईं दी चीख-पुकार

 

बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के देवडीह गांव में हुई पति-पत्नी व दो मासूम की हत्या एक पहेली बन गई है। स्थानीय पुलिस की मानें तो मृतिका श्रवण का पेड़ से लटकता हुआ शव व उसके पाकेट में मिला सुसाइड नोट के आधार यह मान रही है कि मृतक श्रवण ने अपनी पत्नी व अपने दो मासूम बच्चों की हत्या कर फांसी लगा कर खुदकुशी कर लिया। लेकिन सवाल यह है कि घटना स्थल बगीचे से घर की दूरी लगभग सौ मीटर है। आखिर इतनी रात मृतक की पत्नी व बच्चे बगीचे में क्या कर रहे थे। जबकि मृतक के दोनों भाई व भयोहू भी घर पर ही थे। ऐसे स्थिति में घटना की जानकारी किसी को नहीं चली। ये बात किसी को समझ नहीं आ रही है। 

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