बलिया। कोरोना काल के दौरान खड़ंजे पर मवेशी बांधने के विवाद को लेकर हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अदालत ने सजा सुनाई।
अभियुक्त रामभुवन और उनकी पत्नी उर्मिला को दोषी करार दिया। दोनों को 10 साल की सजा सुनाई। 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माने की धनराशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त दो साल का कारावास भुगतना होगा। उभांव थाना क्षेत्र अंतर्गत बहुताचक उपाध्याय गांव में 16 जुलाई 2020 को भैंस बांधने के विवाद में घटना हुई थी। वादिनी प्रीति ने थाने में शिकायत कर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि उसके पति भैंस बांधने को लेकर मना किए तो आरोपी गालीगलौज करते हुए ईंट एवं लकड़ी के पीढ़ा से ऐसी पिटाई की। वे बेहोश होकर गिर गए। आजमगढ़ के अस्पताल में 30 अगस्त 2020 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।