धरना सभा को संबोधित करते संगठन के प्रांतीय नेता।
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भारतीय रेल दलित मजदूर एसोसिएशन एवं ठेका मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रेलवे मालगोदाम परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्य परिचालन प्रबंधक/ मुख्य वाणिज्य प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर रवि बल्लुरी के भ्रष्टाचार, अत्याचार एवं उत्पीड़न के खिलाफ हुंकार भरी।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र राम ने कहा कि एसोसिएशन ईमानदार एवं दलित रेल अधिकारी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक धीरेंद्र कुमार के स्थानांतरण एवं दलित उत्पीड़न का विरोध कर रहा है। कहा कि गोरखपुर रेलवे जोन के अधिकांश रेल अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए है। दलित और ईमानदार रेल अधिकारियों एंव कर्मचारियों के मनमाने ढंग से स्थानांतरण एवं उत्पीड़न कर रहे है। पूर्वोत्तर रेलवे में स्थानांतरण व्यापार बन गया है। कहा कि सीनियर डीसीएम धीरेंद्र कुमार का पिछले चार वर्षों में छह बार स्थानांतरण किया गया। क्योंकि वे दलित और ईमानदार है।
रेलवे ठेका मजदूर यूनियन के संस्थापक बाबूलाल राजभर ने कहा कि गोरखपुर जोन में बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, छपरा, मऊ और भटनी में सफाई एवं रेल लाइनों मरम्मत और भवन निर्माण में कार्यरत रेल मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी 359 रुपये मिलनी चाहिए। रेल अधिकारी और ठेकेदार मिलकर डेढ़ से दो सौ रुपये प्रतिदिन ठेका मजदूरों को मजदूरी दे रहे है। शेष मजदूरी खुद हजम कर जा रहे है। श्रमिक नेता सुशील त्रिपाठी ने कहा कि ठेका मजदूरों को स्थायी कर्मचारी के रूप में नियुक्ति दी जाए। इस दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी मांगों पर विचार नहीं होने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी।
इस मौके पर सुरेेश गौतम, सर्वदेव भगत, देवनारायण चौहान, द्वारिका सिंह, पीडी भगत, श्यामबली मौर्य, कुमारी हेमलता, संतोष कुमार, उषा देवी, मीना, बब्लू खान, शंभू राजभर आदि लोग मौजूद रहे।