बलिया। रेवती थाना के हड़िहाकला गांव निवासी गर्भवती रीना देवी की ऑपरेशन के दौरान निजी अस्पताल में मौत के मामले में सीएमओ ने कार्रवाई की है। अस्पताल को सील करते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।
घटना के दूसरे दिन शनिवार को सीएमओ डॉ. संजीव वर्मन टीम ने मामले को संज्ञान लेकर टीम के साथ निजी अस्पताल की जांच पड़ताल की, उनके आदेश पर अवैध तरीके से संचालित निजी अस्पताल को कर्मचारियों ने सील कर दिया। कार्रवाई के लिए पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी। टीम में एसीएमओ डॉ. विजय यादव, एसीएमओ डॉ. योगेन्द्र दास व सीएचसी सहतवार प्रभारी डाॅ. शशि प्रकाश शामिल है। रिपोर्ट आने के बाद गर्भवती को निजी अस्पताल पहुंचाने वाली आशा कार्यकर्ता पर कार्रवाई होगी।
मृतका रीना देवी के ससुर लाल बहादुर यादव ने ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने के कारण बहू व नाती की मौत का आरोप लगाते हुए निजी अस्पताल के मालकिन, चिकित्सकों, कर्मचारी व गांव की आशा कार्यकर्ता के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को शव सौंप दिया।
रीना की शादी 2017 में राजकिशोर यादव के साथ हुई थी। राजकिशोर कन्याकुमारी में नौकरी करता है। पत्नी की मौत का समाचार सुन वह गांव के लिए चल दिए हैं ।
आशा कार्यकर्ता पर झांसा देकर निजी अस्पताल पहंुचाने का आरोप : ससुर लाल बहादुर यादव ने बताया कि रीना अपनी सास मीना देवी के साथ रूटीन चेकअप व अल्ट्रासाउंड कराने गई थी। पहला बच्चा होने को लेकर परिवार के सभी सदस्य खुश थे।
गांव की आशा कार्यकर्ता सरस्वती देवी झांसा में लेकर सीएचसी की जगह सिनेमा रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर चली गई। जहां एक महिला ने अल्ट्रासाउंड जांच देख बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए ऑपरेशन का दबाव बनाने लगी। उसने 40 हजार रुपया मांगा। पटना से डॉक्टर सिजेरियन के लिए आने की बात कही। रीना के भाई ने बताया कि वहां तैनात नर्स चेक करने के लिए बहन को लेकर गई। उसने ऑपरेशन के बारे में कुछ नहीं बताया। कुछ देर में हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल जाने की बात कहने लगी। हमलोगों को शंका होने पर पुलिस को बुलाया।
कस्बे चल रहे निजी अस्पताल व जांच केंद्र : सहतवार के सिनेमा रोड स्थित अवैध रूप से संचालित निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान गर्भवती की मौत का मामला पहला नहीं है। इसके दो वर्ष पूर्व चैन राम बाबा इंटर कालेज संचालित एक अवैध निजी अस्पताल में गर्भवती की प्रसव के दौरान मौत हुई थी। उसमें कार्रवाई की जगह परिजनों को मुआवजा देकर मामला शांत करवा दिया। कस्बा में सात से अधिक अवैध नर्सिंग होम व पैथालॉजी व अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र चल रहे हैं।