बलिया। रविवार और दशहरे के तीन दिन के अवकाश के बाद बुधवार को जिला अस्पताल खुला तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि कई डॉक्टरों के नहीं पहुंचने के कारण मरीज भटकते रहे। ओपीडी के कमरों में लटके ताले के खुलने का इंतजार करने के बाद मरीज निराश लौट गए। मौसम के बदलाव से सांस, अस्थमा, सर्दी, खांसी व बुखार के मरीज बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंचे थे। पर्ची कांउटर से लगाकर ओपीडी, पैथोलाजी, एक्स-रे में मरीजों की भीड़ रही। वहीं, ओपीडी में कई चिकित्सक गायब रहे, उनकी कुर्सियां घंटों खाली रही। डाॅक्टर के आने की आस में मरीज ओपीडी के सामने इंतजार किया। थक हार कर बिना इलाज कराया वापस लौट गए। इस दौरान दवा व जांच केंद्रों के एजेंटाें की चांदी रही, वह भटक रहे मरीजों को बरगला कर रोग विशेष चिकित्सक को न दिखलाकर आयुष चिकित्सकों को दिखला मरीजों का शोषण किया। ट्रामा सेंटर स्थित दो ओपीडी के दरवाजे पर सिर्फ डाॅक्टर के न रहने की सूचना चस्पा थी। सर्जन के इंतजार में सबसे ज्यादा मरीज परेशान रहे। अस्पताल में पांच सर्जन के सापेक्ष सिर्फ एक चिकित्सक ओपीडी में दोपहर बाद मौजूद रहे। ओपीडी में समय से चिकित्सकों के न मिलने के कारण मरीजों में भारी आक्रोश व्याप्त रहा।