बैरिया क्षेत्र के सोनबरसा में निर्माणाधीन सौ बेड का अस्पताल।
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बलिया/बैरिया। सोनबरसा में 25.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 100 बेड के अस्पताल का निर्माण पैसा न मिलने से रुका हुआ है। पांच साल में कुल लागत का 16 फीसदी धन ही ठेकेदार को मिला। कुछ काम कराने के बाद अस्पताल का निर्माण रोक दिया गया। ऐसे में लगता है कि यदि इसी गति से अस्पताल का निर्माण होता रहे तो इसे पूरा होने में तीन दशक लग सकते हैं। बीते पांच साल में लागत के सापेक्ष अब तक केवल 4.50 करोड़ रुपये ही जारी हुए हैं।
वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने बैरिया आगमन के दौरान सोनबरसा में 100 बेड अस्पताल निर्माण की घोषणा की। इसके लिए पहली किस्त 3.50 करोड़ रुपये भी जारी हुई। हालांकि इसके बाद विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई और इस अस्पताल का निर्माण भाजपा के शासनकाल में शुरू हुआ। बीते पांच वर्ष में 25.15 करोड़ रुपये के सापेक्ष 4.5 करोड़ रुपये ही इस अस्पताल के निर्माण के लिए सरकार ने जारी किया है। इससे सहज ही इस अस्पताल की निर्माण गति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब तक मिली धनराशि उपयोग हो चुकी
अस्पताल को तैयार करने का लक्ष्य दो साल निर्धारित था। लेकिन धनाभाव के कारण अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। पहली किस्त 3.5 करोड़, दूसरी क़िस्त 50 लाख और तीसरी क़िस्त 17 दिसंबर 2020 को 50 लाख रिलीज हुई है जो अब तक मिला नहीं है। इसके बावजूद ठेकेदार ने काम करवा दिया है और साढ़े चार करोड़ रुपये का उपभोग प्रमाणपत्र चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को भेजा जा चुका है।
30 गांवों की पांच लाख आबादी को मिलती राहत
सोनबरसा में बन रहे 100 बेड का अस्पताल बनने से द्वाबा के 30 से अधिक गांवों की करीब पांच लाख आबादी को लाभ मिलेगा। गंभीर रोगियों को इलाज के लिए 45 किमी दूर जिला अस्पताल आना पड़ता है या फिर बिहार के अस्पतालों में जाना पड़ता है।
सोनबरसा अस्पताल निर्माण के लिए अब तक मिली धनराशि से कार्य कराया जा चुका है। धन का डिमांड भी किया गया है, धन मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। - गोविंद, अवर अभियंता, निर्माण निगम