नरहीं क्षेत्र में एनएच-31 के चौड़ीकरण के लिए सर्वे कार्य तेज हो गया है, जिससे स्थानीय दुकानदारों में चिंता बढ़ गई है। अतिक्रमण हटाने की सूचना से कई दुकानें और मकान प्रभावित हो सकते हैं। ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
नरहीं। यूपी-बिहार को जोड़ने वाली एनएच-31 पर बढ़ते वाहनों के लोड को देखते हुए चौड़ीकरण की आस जग गई है। इसके लिए सर्वे का काम तेज हो गया है। एनएचआई ने पहले की अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने की घोषणा की है। ऐसे में चौड़ीकरण हुआ तो कई मकान व दुकानें चपेट में आ जाएंगी।
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गाजीपुर से मांझी तक की सड़क चौड़ीकरण के लिए गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी, बलिया सांसद सनातन पाण्डेय व विधायक संग्राम सिंह यादव पहले ही मांग कर चुके हैं। आए दिन लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण एनएच-31 मार्ग पर पटरी न होना भी है। इससे हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को एनएच- 31 सड़क का सर्वे कार्य शुरू हो गया। पिछले दिनों माइक से सड़क के मध्य से दोनों तरफ 12 मीटर तक अतिक्रमण की सूचना ने दुकानदारों को सकते में डाल दिया है।
ग्रीनफील्ड चालू होने के बाद लोड होगा कम: नरहीं। भरौली गोलंबर से गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर के आगे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाला ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य तेज चल रहा है। 18 सितंबर 2023 से कार्य शुरू हुआ था। सड़क की लंबाई 17.2 किलोमीटर है, जिसकी कुल लागत 302 करोड़ है। सड़क बनाने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अशोक कुमार राय ने बताया कि ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस वे दिसंबर में चालू हो जाएगा। इसके बाद एनएच-31 पर भारी वाहनों का लोड कम हो जाएगा।