गोंडवाना की वीरांगना महरानी दुर्गावती का 452वां बलिदान दिवस नगर सहित ग्रामीणांचलों में मनाया गया। इसमें वक्ताओं ने वीरांगना के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार महारानी ने समाज के मान-सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, उसी प्रकार हम लोगों को भी समाज की भलाई के लिए आगे आने की जरुरत है ।
वीरांगना महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर कदम चौराहा स्थित व्यास गोंड के आवास पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद गोंड ने कहा कि जिस तरह से महारानी दुर्गावती ने अपनी प्रजा की रक्षा के लिए दत्तक पुत्र वीर नारायण की प्राण की चिंता नहीं की।
उन्होंने अपने पीठ पर बच्चे को बांधकर अंग्रेजों से लड़ते हुए प्राणों की आहुति दे दी। उसी प्रकार अपने समाज की सुरक्षा के लिए हम सबको अपना सर्वस्व न्यौछावर करके तत्पर रहना चाहिए। संगठन को ब्लाक स्तर पर मजबूती के लिए भी कई वक्ताओं ने विचार प्रस्तुत किए।
साथ ही संकल्प लिया कि महारानी दुर्गावती की प्रतिमा को लगाया जाएगा। इस कार्यक्रम में मृदंगी गोंड, श्रीकांत गोंड, डा. पूरनमल, हरींद्र गोंड, कृष्ण बिहारी, बब्लू गोंड,मुन्ना, चंद्रिका, प्रदीप, विनोद गोंड, उमाशंकर, सुभाष आदि ने विचार रखा। अध्यक्षता हरिहर प्रसाद तथा संचालन हरींद्र गोंड ने किया।
इसी क्रम में कलेक्ट्रेट परिसर में भी वीरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया। जिसमें डा. अरविंद गोंड, शिवसागर गोंड, राजेश गोंड, छितेश्वर गोंड, अरविंद गोंडवाना, हीरालाल गोंड ने महारानी दुर्गावती के वीरता एवं पराक्रम पर प्रकाश डाला। वहीं जटहा बाबा स्कूल बनकटा में भी महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया।
मुख्य अतिथि संजय उपाध्याय ने महारानी दुर्गावती के वीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें उनके पदचिन्हों पर चलने की जरुरत है। सत्येंद्र गोंड ने कहा कि हम लोगों को अपने मान-सम्मान की लड़ाई लड़ने की जरुरत है।