जिले के होमगार्ड व पीआरडी जवानों ने नियमित ड्यूटी तथा पुलिस कर्मियों के बराबर मानदेय देने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कई बिंदुओं का मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। धरना स्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह ने होमगार्ड एवं पीआरडी के जवानों को समझाते हुए कहा कि जो मेरे वश में है उतना मैं अवश्य करूंगा। इसके बाद भी पीआरडी और होमगार्ड के जवान धरना से नहीं उठे।
जनपद के पीआरडी और होमगार्ड के धरना सभा को संबोधित करते जिलाध्यक्ष कमलेश कु मार पांडेय ने कहा कि हम लोगों से चुनाव आदि के समय भरपूर ड्यूटी ली जाती है। लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद ही ड्यूटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। जिससे हम लोग अपने परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पाते है। कहा कि होमगार्ड एवं पीआरडी के जवानों का परिवार इस समय तंग हाली एवं भुखमरी के कगार पर पहुंच चुका है। प्रदेश सरकार ने होमगार्ड और पीआरडी के जवानों के बारे में आज तक कोई निर्णय नहीं लिया। कहा कि 2017 के विस चुनाव में प्रदेश सरकार को करारा जवाब देना है। जिससे कोई भी किसी के हक के साथ हकतल्फी न करे।
पीआरडी के जवानों ने चेताया कि अगर हम लोगों की मांगें नहीं मानी गई तो हम इसी तरह अपना आंदोलन बरकरार रखेंगे। कहा कि पांच सौ होमगार्ड और पीआरडी के जवानों को प्रतिमाह ड्यूटी लगाई जाए। वहीं पुलिस कर्मचारियों के बराबर मानदेय दिया जाए। इस मौके पर लाल साहब, सुरेद्र प्रसाद, किशोर राम, मनोज तिवारी, रणजीत, रामध्यान, मृत्युंजय तिवारी, त्रिलोकी नाथ, त्रिलोकी मिश्र, किरन, रानी, शोभा आदि शामिल रहे।