इतने स्थानों पर जलेंगी होलिका
जनपद के सरकारी आकड़ें में 1627 स्थानों पर होलिका दहन होता है। समय के साथ कुछ स्थान बढ़े हैं। रसड़ा कोतवाली में 170, गड़वार 125, बैरिया 142, भीमपुरा 130, सिकंदरपुर 98, उभांव 97, बांसडीहरोड 91, फेफना 70, पकड़ी 70, बांसडीह 68, सुखपुरा 66, हल्दी 66, दोकटी 59, नरहीं 58, नगर 67, खेजुरी 56, रेवती 62, खेजुरी 56, मनियर 42, सहतवार 41, दुबहड़ 35 व चितबड़ागांव में 32 स्थानों पर होलिका दहन होगा।
जिले के संवेदनशील स्थान नरही थाना क्षेत्र में भरौली, सुरापाली, पलियाखास, सोहांव, अमांव, पिपराकला व सलेमपुर। गड़वार का सरया, कुरेजी, रतसड़, धनौतीधुरा व अरईपुर। फेफना में सागरपाली, मिड्ढा, आमडारी, धम्मनपुरा, औंदी, डमरी, पांडेयपुर, कपूरी नारायनपुर, फेफना व पिपरिया। खेजुरी में मासूमपुर व नगरा में खरूआंव व ढेकवारी। सिकंदरपुर में मलेजी, कस्बा, डूहाबिहरा, पंदह, बसरिकापुर, काजीपुर, खरीद, सिवानकला, मिश्रवलिया, बघुड़ी, कठौरा, गोसाईपुर, हरनाटार, लौहर, खटंगा, हुसैनपुर, माल्दह, रूद्रवार, ठोकोढ़ा, कोथ व सिसोटार। बैरिया में हेमंतपुर, रानीगंज, बैरिया, दयाछपरा, करमानपुर, सुरेमनपुर तथा बांसडी अंतर्गत खरौनी, मैरीटार, राजपुर, जानकीछपरा, हुसैनाबाद, कस्बा बांसडीह व सुल्तानपुर संवेदनशील स्थान हैं।
होलिका दहन व होली पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने की तैयारी चल रही है। थानों में बैठक कर त्योहार मनाने के लिए का निर्देश दिया जा चुका है। हल्का बीट, चौकीदार अपने-अपने क्षेत्र में मुस्तैद रहेंगे। थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी चक्रमण करते रहेंगे। पीआरवी के वाहन भी चक्रमण करते रहेंगे। - कृपाशंकर, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी।