नगर पालिका बलिया के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्त के साथ मारपीट और पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ शुक्रवार को रसड़ा में पूर्ण बंदी रही। यहां तक कि चाय-पान की दूकानें नहीं खुलीं।
इस दौरान व्यापारियों ने जगह-जगह से जुलूस निकालकर पुलिस और प्रदेश सरकार के विरोध में नारे लगाए। वे मंत्री नारद राय को बर्खास्त करने और उनके पुत्र नरेंद्र कुमार पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त पर चार सितंबर को हमले के बाद कारोबारी एक मंच पर आ गए हैं। यही वजह थी कि शुक्रवार को नगर में ऐतिहासिक बंदी देखने को मिली। सुबह से शाम तक दूकानें बंद रहीं।
सड़क पर उतरे व्यापारी क्षेत्र का भ्रमण करते रहे। इस दौरान कई जगह उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई लेकिन व्यापारियों के हुजूम को देखते हुए पुलिस को कदम पीछे खींचने पड़े। प्यारेलाल चौराहे पर हुई जनसभा में रसड़ा के पालिका अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सोनी ने कहा कि अध्यक्ष प्रतिनिधि और व्यापारी नेता लक्ष्मण गुप्त पर टेंडर को लेकर हमला किया गया।
अगर इस कृत्य का विरोध नहीं हुआ तो ऐसा हमला हम सभी पर हो सकता है। व्यापारी नेता सुरेशचंद्र जायसवाल ने कहा कि कभी लूट तो कभी हत्या की वारदातें तो हो रही हैं और अब सरेआम व्यापारियों के साथ गुंडागर्दी की जा रही है। विरोध करने पर उलटा पुलिस व्यापारियों पर ही मुकदमा दर्ज कर दे रही है।
व्यापारी नेता श्याम कृष्ण गोयल ने कहा कि यह लड़ाई पूरे व्यापारी समाज की है। इसे हमें एक साथ लड़ना होगा। इस मौके पर प्रद्युम्न, भीम, सच्चिदानंद वर्मा, राधेश्याम, भगवान, सत्य नारायण, सुभाष साहू, यूनीस अहमद, लाली आदि ने भी विचार रखे।
उधर, चितबड़ागांव में भी नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पर हमला और पुलिस की बर्बरता से नाराज व्यापारियों ने शुक्रवार को दूकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। संवाददाता के मुताबिक व्यापारियों ने जुलूस निकालकर न सिर्फ प्रतिष्ठान बंद कराए बल्कि मंत्री नारद राय और उनके पुत्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जुलूस में व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिनेश चंद्र सर्राफ, पूर्व चेयरमैन बृज कुमार सिंह, शिवपूजन खरवार, गौतम राम, अखिलेश सिंह, अनिल सोनी, रामजी सिंह, चुन्नू सिंह, महिमा शंकर त्रिपाठी, हरिनारायण चौरसिया, लालजी चौरसिया, ओसामा आलम, आलोक सिंह, नूर जमाल, मुकुल चंद्र आदि शामिल रहे।
अध्यक्ष प्रतिनिधि के समर्थन में खेजुरी बाजार में भी दूकानें बंद रहीं। संवाददाता के अनुसार व्यापार मंडल एवं वैश्य एकता मंच के आह्वान पर हुए बाजार बंद का नेतृत्व पूर्व प्रधान बलराम प्रसाद ने किया। जुलूस में शिवशंकर गुप्ता, दिनेश गुप्ता, सत्येंद्र गुप्ता, सुरेश गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, रिंकू गुप्ता आदि शामिल रहे।